मंडला का घुघरा वॉटरफॉल बना मानसून का खूबसूरत ठिकाना, हरियाली के बीच झरने का मनमोहक नजारा

मंडला का घुघरा वॉटरफॉल बना मानसून का खूबसूरत ठिकाना, हरियाली के बीच झरने का मनमोहक नजारा

मंडला, मध्य प्रदेश। मानसून आते ही मध्य प्रदेश के जंगलों और पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती देखते ही बनती है। मंडला जिले के निवास क्षेत्र में स्थित घुघरा वॉटरफॉल, जिसे कालपी वॉटरफॉल के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बारिश के बाद यहां झरने में पानी का बहाव बढ़ जाता है और आसपास की पहाड़ियां एवं जंगल घने हरे रंग की चादर ओढ़ लेते हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घुघरा वॉटरफॉल का बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई दे रहा है। ऊंचाई से चट्टानों के बीच गिरता पानी, चारों तरफ फैली हरियाली और बारिश के बाद बदला प्राकृतिक वातावरण इस जगह को बेहद आकर्षक बना रहा है। आपके भेजे गए सोशल मीडिया पोस्ट में भी इसे मानसून के दौरान घूमने के लिए खूबसूरत प्राकृतिक स्थल के तौर पर दिखाया गया है।

जंगल और पहाड़ियों के बीच छिपा है झरना

घुघरा यानी कालपी वॉटरफॉल मंडला जिले के कुड़ा मैली गांव के आसपास स्थित बताया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह जगह घने हरियाली वाले क्षेत्र में है और यहां तक पहुंचने के लिए पैदल ट्रेकिंग भी करनी पड़ती है। एक ट्रेकिंग स्रोत के अनुसार, वॉटरफॉल तक आने-जाने का ट्रेक करीब 7 किलोमीटर का है।

झरने तक पहुंचने का रास्ता जंगल और पथरीले रास्तों से होकर गुजरता है। यही वजह है कि यहां पहुंचने वालों को रास्ते में प्राकृतिक नजारों के साथ एडवेंचर का अनुभव भी मिलता है।

मानसून में बढ़ जाती है खूबसूरती

घुघरा वॉटरफॉल को देखने का सबसे आकर्षक समय मानसून माना जाता है। बारिश के दौरान आसपास की पहाड़ियों पर हरियाली बढ़ जाती है और झरने में भी पानी का बहाव ज्यादा दिखाई देता है। चट्टानों से नीचे गिरता पानी और चारों तरफ फैली हरियाली इसे फोटोग्राफी के लिए भी शानदार जगह बनाती है।

मंडला जिले के पर्यटन स्थलों की सूची में भी KALPI Waterfall Mandla (Ghughra Waterfall) का उल्लेख मिलता है।

प्रकृति प्रेमियों के लिए खास जगह

यह जगह उन लोगों के लिए खास हो सकती है, जो भीड़भाड़ से दूर प्राकृतिक वातावरण में समय बिताना पसंद करते हैं। यहां झरने की आवाज, जंगल की हरियाली और पहाड़ी इलाका मिलकर एक शांत और खूबसूरत माहौल तैयार करते हैं।

मंडला और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान ऐसे कई प्राकृतिक स्थल आकर्षण का केंद्र बनते हैं। घुघरा वॉटरफॉल भी इन्हीं कम चर्चित लेकिन खूबसूरत जगहों में शामिल है।

जabalपुर से भी पहुंच सकते हैं

उपलब्ध ट्रेकिंग जानकारी के मुताबिक, जबलपुर से कुड़ा मैली की दूरी करीब 53 किलोमीटर बताई गई है। सड़क से यहां पहुंचने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लग सकता है, हालांकि वास्तविक यात्रा समय मौसम और सड़क की स्थिति पर निर्भर करेगा।

वॉटरफॉल तक पहुंचने के लिए कुछ दूरी पैदल तय करनी पड़ सकती है, इसलिए मानसून में यहां जाने वाले पर्यटकों को फिसलन भरे रास्तों और तेज पानी से सावधान रहने की जरूरत है।

बारिश में खूबसूरत, लेकिन सावधानी जरूरी

मानसून में झरने का नजारा जितना खूबसूरत होता है, उतना ही यहां सावधानी बरतना भी जरूरी है। बारिश के दौरान चट्टानें और रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं। पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है, इसलिए झरने के बेहद करीब जाने या तेज बहाव वाले हिस्सों में उतरने से बचना चाहिए।

घुघरा वॉटरफॉल की खूबसूरती इन दिनों सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींच रही है। मंडला के जंगलों के बीच बहता यह झरना मध्य प्रदेश के मानसून पर्यटन की खूबसूरती को दिखाता है।