नर्मदापुरम में बिजली कटौती पर किसानों का धरना, फसल सूखने से नाराज ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

नर्मदापुरम में बिजली कटौती पर किसानों का धरना, फसल सूखने से नाराज ग्रामीणों ने बिजली कंपनी के खिलाफ खोला मोर्चा

नर्मदापुरम में बिजली कटौती के खिलाफ किसानों का धरना, फसल सूखने से बढ़ी चिंता; बिजली कंपनी पर लगाए मनमानी के आरोप

नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के ग्राम आरी क्षेत्र में बिजली कटौती की समस्या को लेकर किसानों और ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से परेशान किसानों ने मंगलवार रात आरी बिजली सब-स्टेशन पर धरना देकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बिजली कंपनी की व्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रदर्शन एक घंटे से अधिक समय तक चला।

कृषि बिजली की कमी से सिंचाई प्रभावित होने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि खेती के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने के कारण खेतों में सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों के मुताबिक, समय पर बिजली उपलब्ध नहीं होने से फसलों को पानी देना मुश्किल हो रहा है और फसलें सूखने की स्थिति में पहुंच रही हैं।

खेती में सिंचाई के लिए बिजली की नियमित आपूर्ति महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बिजली कटौती का सीधा असर किसानों के कृषि कार्यों पर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने इसी समस्या को लेकर बिजली कंपनी की व्यवस्था पर नाराजगी जताई और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

आरी सब-स्टेशन पर एक घंटे से ज्यादा चला धरना

बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के विरोध में किसान और ग्रामीण मंगलवार रात आरी बिजली सब-स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने धरना देकर अपनी नाराजगी जाहिर की और बिजली कंपनी के खिलाफ नारे लगाए।

प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य कृषि कार्यों के लिए बिजली की उपलब्धता से जुड़ी समस्या को सामने लाना था। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि धरने के दौरान बिजली विभाग का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा था या किसानों को कोई लिखित आश्वासन दिया गया।

बिजली कंपनी के रवैये पर उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बिजली कंपनी पर मनमानी करने और तानाशाही रवैया अपनाने के आरोप लगाए। किसानों की नाराजगी का प्रमुख कारण पर्याप्त कृषि बिजली नहीं मिलना बताया गया है।

ग्रामीण चाहते हैं कि बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्या का समाधान किया जाए, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए परेशान न होना पड़े। उनका कहना है कि समय पर बिजली नहीं मिलने की स्थिति में फसलों को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे खेती की लागत और किसानों की आर्थिक चिंता दोनों बढ़ सकती हैं।

किसानों की मांग: कृषि कार्यों के लिए मिले पर्याप्त बिजली

आरी क्षेत्र में हुए इस प्रदर्शन के केंद्र में कृषि बिजली की उपलब्धता का मुद्दा रहा। किसानों की शिकायतों के मद्देनजर नियमित और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है, ताकि खेतों की सिंचाई प्रभावित न हो।

फिलहाल उपलब्ध खबर में बिजली कंपनी या संबंधित अधिकारियों की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया, समस्या के तकनीकी कारण और समाधान की समयसीमा की जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए विभाग की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं।

ग्रामीणों की मुख्य चिंता फसलों को सूखने से बचाने और कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली मिलने की है। अब इस मामले में बिजली विभाग की प्रतिक्रिया और आपूर्ति व्यवस्था में होने वाले सुधार पर नजर रहेगी।

नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध समाचार सामग्री के आधार पर तैयार की गई है। प्रदर्शनकारियों के आरोपों को उनके दावों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। विभागीय पक्ष और धरने के बाद की कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।