इंदौर में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: गोवर्धन घी के 25 हजार लीटर स्टॉक की बिक्री रोकी, 1.50 करोड़ रुपए के माल के लिए गए 20 सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग और FSSAI की संयुक्त टीम ने कंपनी डिपो पर की जांच, रिपोर्ट आने तक घी की बिक्री पर रहेगी रोक; दूसरे ब्रांड का घी भी जब्त
मध्यप्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा विभाग और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की टीम ने एबी रोड स्थित एक कंपनी डिपो का निरीक्षण कर गोवर्धन ब्रांड घी के करीब 25 हजार लीटर स्टॉक की बिक्री पर रोक लगा दी है। इस घी की अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
कार्रवाई के दौरान टीम ने घी के अलग-अलग पैकिंग साइज के कुल 20 नमूने लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जांच रिपोर्ट आने तक संबंधित स्टॉक को बिक्री के लिए प्रतिबंधित रखा जाएगा।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में 6 अगस्त को की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम एबी रोड स्थित विक्टर हाउस-1, गोल्डन पैलेस कॉलोनी पहुंची, जहां पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड के कंपनी डिपो का निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान टीम को महाराष्ट्र के पुणे स्थित पराग मिल्क फूड्स लिमिटेड द्वारा निर्मित गोवर्धन ब्रांड घी का बड़ा स्टॉक मिला। अधिकारियों के मुताबिक, यह डिपो मध्यप्रदेश में गोवर्धन ब्रांड घी की सप्लाई का प्रमुख केंद्र है।
प्रतिष्ठान केंद्रीय लाइसेंस के अंतर्गत संचालित होने के कारण खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसकी जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी। इसके बाद FSSAI वेस्टर्न रीजन, ब्रांच ऑफिस इंदौर की केंद्रीय टीम भी मौके पर पहुंची और संयुक्त रूप से जांच प्रक्रिया पूरी की।
20 सैंपल जांच के लिए भेजे गए
जांच के दौरान टीम ने गोवर्धन घी के अलग-अलग पैकिंग साइज से 20 नमूने संग्रहित किए। अधिकारियों ने बताया कि इन नमूनों की गुणवत्ता, शुद्धता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार जांच की जाएगी।
जब तक प्रयोगशाला की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक करीब 25 हजार लीटर घी के स्टॉक की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
गोपीश्री घी का 312 लीटर स्टॉक भी जब्त
विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने इंदौर के साउथ हरसिद्धि क्षेत्र स्थित भावण्या इंटरप्राइजेज की भी जांच की। यहां से गोपीश्री ब्रांड घी के चार नमूने लिए गए।
इसके अलावा करीब 312 लीटर घी का स्टॉक जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.24 लाख रुपए बताई गई है। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत की गई है। जांच रिपोर्ट आने तक इस स्टॉक को सुरक्षित रखा गया है।
रेस्टोरेंट की रसोई में मिली गंदगी, नोटिस जारी
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शिकायत के आधार पर विजय नगर क्षेत्र स्थित एक रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया। जांच के दौरान रसोई परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता से जुड़े मानकों में कमी पाई गई।
विभाग ने रेस्टोरेंट संचालक को सुधार सूचना पत्र (इंप्रूवमेंट नोटिस) जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही रेस्टोरेंट से पनीर, दही और मसालों के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है।
महू में भी मिठाई और खाद्य सामग्री के सैंपल लिए
इसी अभियान के तहत महू क्षेत्र में मिली शिकायत की जांच भी की गई। विभाग ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर मामले की जानकारी जुटाई और बताए गए प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
जांच के दौरान यहां से बेसन, मिठाई, शक्कर और नमकीन के कुल छह नमूने लिए गए। विभाग के अनुसार, शिकायतकर्ता ने कार्रवाई पर संतोष जताया है।
जुलाई से चल रहा है विशेष अभियान
मध्यप्रदेश में जुलाई 2026 से दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में प्रदेश के अंदर निर्मित उत्पादों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले दुग्ध उत्पादों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग लगातार बाजार, डेयरी प्रतिष्ठानों, गोदामों और सप्लाई केंद्रों की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि अभियान के दौरान लिए गए सभी सैंपल संबंधित प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी उत्पाद में मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित निर्माता या विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे संदिग्ध खाद्य सामग्री मिलने पर इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि मिलावट के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
news desk MPcg