पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन फिर दौड़ने को तैयार: 22 अगस्त से शुरू हो सकता है संचालन, 6 कोच के साथ होगा सफर

पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन फिर दौड़ने को तैयार: 22 अगस्त से शुरू हो सकता है संचालन, 6 कोच के साथ होगा सफर

155 साल पुराने ऐतिहासिक ट्रैक पर फिर लौटेगी ट्रेन, बारिश में पहाड़, झरने और हरियाली के बीच सफर का मिलेगा रोमांच; रेलवे ने तैयारियां तेज कीं

महू और इंदौर के पर्यटन प्रेमियों के लिए अच्छी खबर है। पातालपानी-कालाकुंड के बीच चलने वाली लोकप्रिय हेरिटेज ट्रेन एक बार फिर पटरी पर लौटने की तैयारी में है। रेलवे की ओर से 22 अगस्त से ट्रेन का संचालन शुरू किए जाने की संभावना है। इस बार ट्रेन छह कोच के साथ चल सकती है। मानसून के मौसम में पातालपानी और कालाकुंड का इलाका हरियाली, पहाड़ों और झरनों से घिरा हुआ है। ऐसे में ट्रेन के दोबारा शुरू होने से पर्यटकों को प्राकृतिक नजारों के बीच ऐतिहासिक रेल सफर का आनंद मिलेगा।

पातालपानी-कालाकुंड रेल मार्ग अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ ऐतिहासिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। यह मार्ग करीब 9.5 किलोमीटर लंबा है और पहाड़ी क्षेत्र से होकर गुजरता है। सफर के दौरान यात्रियों को घने जंगल, गहरी घाटियां, छोटे-बड़े पुल, सुरंगें और बारिश के दौरान पहाड़ियों से गिरते झरने देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि यह छोटा रेल सफर इंदौर और आसपास के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा है।

मानसून के दौरान इस पूरे क्षेत्र का नजारा और भी खूबसूरत हो जाता है। पहाड़ियों पर हरियाली की चादर बिछ जाती है और कई जगहों पर पानी के झरने दिखाई देने लगते हैं। हेरिटेज ट्रेन की धीमी रफ्तार यात्रियों को इन प्राकृतिक नजारों को करीब से देखने और तस्वीरें लेने का मौका देती है। यही इस ट्रेन की सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। पिछले कुछ समय से हेरिटेज ट्रेन का संचालन बंद था। ट्रेन के कोचों को मेंटेनेंस और आवश्यक मरम्मत के लिए भेजा गया था। मरम्मत का काम पूरा होने के बाद कोच वापस लाए गए हैं। अब रेलवे की ओर से इन्हें फिर से सेवा में लगाने की तैयारियां की जा रही हैं। छह कोच के साथ ट्रेन चलने की स्थिति में यात्रियों के लिए पहले की तुलना में पर्याप्त सीटें उपलब्ध हो सकेंगी।

पातालपानी-कालाकुंड ट्रेन सिर्फ एक रेल यात्रा नहीं, बल्कि पर्यटकों के लिए एक पूरा मानसून एक्सपीरियंस है। ट्रेन में सफर करते हुए यात्री पहाड़ी ट्रैक के रोमांच के साथ प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं। खासकर बारिश के मौसम में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। ट्रेन के दोबारा शुरू होने से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। होटल, स्थानीय दुकानदार, वाहन संचालक और अन्य पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को भी इससे लाभ मिल सकता है।

रेलवे की ओर से 22 अगस्त से संचालन शुरू किए जाने की संभावना है, हालांकि अंतिम समय-सारणी, किराया और बुकिंग से जुड़ी जानकारी रेलवे की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि तय योजना के अनुसार सेवा शुरू होती है, तो इस वीकेंड से पर्यटक एक बार फिर पातालपानी से कालाकुंड तक हेरिटेज ट्रेन के रोमांचक सफर का आनंद ले सकेंगे। बारिश के इस मौसम में अगर ट्रेन सेवा शुरू होती है, तो यह पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन सकती है। पहाड़, झरने, जंगल और ऐतिहासिक रेल ट्रैक के बीच करीब 9.5 किलोमीटर का सफर यात्रियों को शहर की भीड़ से अलग एक अनोखा अनुभव देगा। रेलवे की तैयारियों के बाद अब सभी की नजर 22 अगस्त पर है कि हेरिटेज ट्रेन वास्तव में कब से नियमित रूप से पटरी पर उतरती है।