Ram Mandir Invitation: राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के न्योते पर दिग्विजय सिंह बोले- दर्शन के लिए मुझे किसी के न्योते की जरूरत नहीं
Ram Mandir Invitation: राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के न्योते पर दिग्विजय सिंह बोले- दर्शन के लिए मुझे किसी के न्योते की जरूरत नहीं
Ram Mandir Invitation: हाल ही में मीडिया द्ववारा ये सवाल पूछें जाने पर कि 22 जनवरी को आयोजित राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए न्योता मिला है या नहीं, इस सवाल का सीधा जवाब तो दिग्विजय सिंह ने नहीं दिया लेकिन उन्होने कहा कि उन्हें अयोध्या के राम जन्मभूमि पर नवनिर्मित मंदिर में दर्शन के लिए किसी विशेष न्योते की जरुरत नहीं है। भगवान राम उनके हृदय में बसे हुए हैं, इसलिए उन्हें एक पिलग्रीम के लिए किसी औपचारिक आमंत्रण की आवश्यकता नहीं है।
साथ ही इंदौर में बातचीत के दौरान, सिंह ने ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन्स (ईवीएम) के प्रति जनता में धीरे-धीरे अविश्वास बढ़ रहा है। उनके अनुसार, ईवीएम के सॉफ्टवेयर और चिप तकनीक को लेकर सवालों में वृद्धि हो रही है। सिंह ने चुनाव आयोग के उन जवाबों की चिंता की है जो ईवीएम से जुड़े प्रश्नों पर हैं, और उन्होंने कहा कि छह महीनों से 'इंडिया' गठबंधन के विपक्षी दलों के नेताओं को ईवीएम से संबंधित मुद्दों पर चुनाव आयोग के साथ मुलाकात का समय नहीं दिया जा रहा है।
दिग्विजय ने यह भी कहा कि बड़ी तादाद में विपक्षी सांसदों को संसद से 'कसूर' के लिए निलंबित कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने संसद की सुरक्षा में चूक की घटना पर गृह मंत्री अमित शाह से सदन में बयान देने की मांग की थी। उन्होंने इस पर कहा, "हमें संसद से निलंबित कर दिया गया है और महत्वपूर्ण विधेयक बिना चर्चा के पारित कर दिए गए।"
सिंह ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के इस रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो लोकतंत्र के प्रति लोगों का विश्वास धीरे-धीरे उठता चला जाएगा। उन्होंने इसका सीधा उल्लेख करते हुए कहा, "अगर लोकतंत्र के प्रति विश्वास उठता है, तो फिर क्या होगा... क्रांति का रास्ता कोई रोक नहीं सकता।"
सिंह ने चुनाव आयोग के साथ विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' के नेताओं की मुलाकात के लिए छह महीनों से समय नहीं दिया जा रहा है, जिसके बारे में भी चर्चा की।
दिग्विजय सिंह ने कहा-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के सवालों का सीधा जवाब देते हुए कहा कि ईवीएम में गड़बड़ होने पर उन्होंने कैसे कर्नाटक और तेलंगाना के पिछले विधानसभा चुनाव जीते हैं, इस पर खुद ही उत्तर दिया है। उन्होंने कहा, "अगर गुप्त रूप से चोरी करने वाला कोई व्यक्ति सारा माल उठाकर ले जाएगा, तो पकड़ा जाएगा। इसलिए वह धीरे-धीरे चोरी करता है। यह चोरी 2012 के गुजरात विधानसभा चुनावों के बाद शुरू हुई।"
दिग्विजय सिंह ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'अबकी बार 400 पार' के नारे का उपहास करते हुए कहा है कि इसके अगले आम चुनाव में भाजपा लोकसभा की सभी 542 सीटें जीतने का नारा देगी। उन्होंने भाजपा पर मध्यप्रदेश में प्रशासनिक तंत्र के दुरुपयोग, मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़े जाने और फर्जी मतदान के आरोप लगाए हैं। सिंह ने दावा किया कि भाजपा सूबे में गत नवंबर के दौरान संपन्न विधानसभा चुनाव हार रही थी। और तमाम चुनावी सर्वेक्षण कांग्रेस के पक्ष में थे।
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