इंदौर में सड़क की बदहाली पर अनोखा विरोध: भावनानगर के लोगों ने गड्ढों में रोपे पौधे, पार्षद ने किया धरना
पालदा नाका क्षेत्र की खराब सड़क को लेकर रहवासियों का प्रदर्शन; सड़क पर जगह-जगह गड्ढों और जलभराव से परेशान लोगों ने जिम्मेदारों के खिलाफ जताई नाराजगी
इंदौर के पालदा नाका क्षेत्र में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर रहवासियों ने अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। भावनानगर की खराब सड़क और जगह-जगह बने गड्ढों से परेशान लोगों ने सड़क के गड्ढों में पौधे रोपकर अपना विरोध दर्ज कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क की हालत खराब है और बारिश के बाद स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई है। सड़क पर पानी जमा होने और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहन चालकों और पैदल आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान क्षेत्रीय पार्षद कुणाल सोलंकी भी मौके पर पहुंचे और सड़क की समस्या को लेकर धरने पर बैठ गए। पार्षद और रहवासियों ने नगर निगम से सड़क की मरम्मत कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर बने गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। इससे दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक भावनानगर और पालदा नाका क्षेत्र में रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। आसपास आवासीय क्षेत्र होने के साथ ही कई व्यावसायिक गतिविधियां भी चलती हैं। खराब सड़क के कारण स्थानीय निवासियों के साथ स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी होती है। बारिश के बाद कीचड़ और जलभराव ने समस्या को और बढ़ा दिया है। रहवासियों ने आरोप लगाया कि सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि जगह-जगह पैचवर्क करने के बजाय पूरी सड़क का व्यवस्थित निर्माण कराया जाना चाहिए, ताकि हर बारिश में सड़क फिर से खराब न हो।
गड्ढों में पौधे लगाने के पीछे प्रदर्शनकारियों का मकसद प्रशासन का ध्यान सड़क की स्थिति की ओर आकर्षित करना था। लोगों ने कहा कि सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि गड्ढों में पौधे उगाने की नौबत आ गई है। इस दौरान लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी भी की और जल्द सड़क सुधारने की मांग उठाई। धरने के दौरान पार्षद कुणाल सोलंकी ने भी सड़क की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से समस्या झेल रही है और सड़क की मरम्मत जल्द कराई जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
बारिश के मौसम में इंदौर की कई सड़कों पर गड्ढों और जलभराव की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में भावनानगर की घटना ने एक बार फिर शहर की सड़क निर्माण और बारिश से पहले रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विरोध के बाद नगर निगम सड़क की मरम्मत को लेकर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है। फिलहाल रहवासियों ने साफ कर दिया है कि सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होने तक वे अपनी मांग को लेकर आवाज उठाते रहेंगे। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रदर्शन के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का जायजा लेगी और जल्द मरम्मत का काम शुरू कराया जाएगा।
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