भोपाल के चोर गिरोह का छोटा राजन कनेक्शन! पिता-बेटे ने उड़ाया 17 तोला सोना, पुलिस ने पेश किया चालान
मिसरोद में सूने मकानों को बनाते थे निशाना; पिता वारदात करता, बेटा कार उपलब्ध कराता था, पुलिस को अब तक सिर्फ 2 तोला सोना मिला
भोपाल। राजधानी भोपाल के मिसरोद इलाके में सूने मकानों में चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस ने मामले में पिता-पुत्र समेत तीन आरोपितों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया है। आरोप है कि गिरोह ने पारस हेरिटेज में दो मकानों को निशाना बनाकर करीब 17 तोला सोना और 700 ग्राम चांदी चोरी की थी। पुलिस जांच में गिरोह का एक पुराना कनेक्शन भी सामने आया है। बताया गया है कि गिरोह के सदस्य पहले अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के ठिकाने पर भी चोरी कर चुके हैं।
पिता चोरी करता, बेटा कार से देता था साथ
पुलिस के मुताबिक, गिरोह में हैदराबाद निवासी मोहम्मद सलीम कुरैशी, उसका बेटा मोहम्मद साहिल कुरैशी और साहिल का 19 वर्षीय साथी सैयद नजम शामिल हैं। गिरोह का तरीका काफी शातिराना था। पिता कथित तौर पर चोरी की वारदात को अंजाम देता था, जबकि बेटा चोरी के लिए कार की व्यवस्था करता था।
आरोपित पहले ऐसे मकानों की रेकी करते थे, जहां परिवार के लोग कुछ समय के लिए बाहर गए हों। इसके बाद मौका देखकर मकान में दाखिल होकर जेवर और कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे।
दो मकानों से 17 तोला सोना और 700 ग्राम चांदी चोरी
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने मिसरोद क्षेत्र की पारस हेरिटेज कॉलोनी में रहने वाली नेहा मीणा और आशीष वर्मा के घरों को निशाना बनाया था। दोनों मकानों से बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण और चांदी चोरी होने की शिकायत सामने आई थी।
जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपितों को मामले में नामजद किया और उनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। हालांकि, चोरी हुए माल की पूरी बरामदगी अभी नहीं हो सकी है।
17 तोला चोरी, बरामद हुआ सिर्फ 2 तोला सोना
मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल बरामदगी को लेकर भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस आरोपितों से अब तक केवल करीब 2 तोला सोना बरामद कर सकी है, जबकि चोरी की कुल मात्रा करीब 17 तोला बताई गई है।
यानी बड़ी मात्रा में चोरी हुए जेवर और चांदी का पता लगाया जाना अभी बाकी है। मामले में फरियादी पक्ष की ओर से भी पुलिस जांच और चालान को लेकर कुछ सवाल उठाए गए हैं।
चालान में CCTV फुटेज को लेकर भी सवाल
फरियादी के वकील के अनुसार, मामले में पुलिस द्वारा पेश किए गए चालान में CCTV फुटेज शामिल नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठाया गया है। चोरी की वारदात और आरोपितों की गतिविधियों को लेकर CCTV फुटेज अहम साक्ष्य हो सकते हैं। ऐसे में जांच में इन्हें शामिल किए जाने को लेकर चर्चा है।
छोटा राजन के ठिकाने पर भी चोरी का दावा
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू गिरोह का कथित पुराना रिकॉर्ड है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह से जुड़े लोगों ने पूर्व में अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा राजन के ठिकाने पर भी चोरी की वारदात की थी। इससे पुलिस को गिरोह के अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होने के संकेत मिले हैं।
हालांकि, इस पुराने मामले की पूरी परिस्थितियां और उससे जुड़े रिकॉर्ड अलग जांच का विषय हैं। मौजूदा मामले में पुलिस ने मिसरोद की चोरी के आरोपों के आधार पर कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश किया है।
अब बाकी चोरी के माल की बरामदगी चुनौती
पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती चोरी हुए बाकी सोने-चांदी की बरामदगी की है। करीब 17 तोला सोने में से सिर्फ 2 तोला सोना बरामद होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पुलिस आरोपितों से पूछताछ और आगे की जांच के जरिए बाकी सामान का पता लगाने का प्रयास कर सकती है।
मिसरोद का यह मामला यह भी बताता है कि अंतरराज्यीय चोर गिरोह किस तरह सूने मकानों की रेकी कर वारदात को अंजाम देते हैं। पिता-पुत्र की भूमिका और कार के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी ने जांच को और गंभीर बना दिया है। अब न्यायालय में मामले की आगे की कार्रवाई के साथ चोरी के बाकी माल और अन्य संभावित वारदातों से जुड़े सुराग सामने आने की उम्मीद है।
news desk MPcg