होर्मुज में दो नौसैनिक माइंस से टकराया सुपरटैंकर, भीषण आग के बाद समुद्र में रुका जहाज; ईरान ने दूसरे जहाजों को दी चेतावनी

होर्मुज में दो नौसैनिक माइंस से टकराया सुपरटैंकर, भीषण आग के बाद समुद्र में रुका जहाज; ईरान ने दूसरे जहाजों को दी चेतावनी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में एक सुपरटैंकर दो नौसैनिक माइंस से टकरा गया। इसके बाद जहाज में भीषण आग लग गई और वह पूरी तरह रुक गया। घटना के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अन्य जहाजों को भी चेतावनी जारी की है।

दो समुद्री माइंस से टकराने का दावा

ईरानी मीडिया के मुताबिक, IRGC की नौसेना ने सोमवार को बताया कि एक सुपरटैंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में निर्धारित या अधिकृत मार्ग से अलग रास्ते से गुजरने की कोशिश की। इसी दौरान जहाज कथित तौर पर दो समुद्री माइंस से टकरा गया।

IRGC के अनुसार, माइंस से टकराने के बाद सुपरटैंकर में आग लग गई और जहाज आगे बढ़ने में असमर्थ होकर वहीं रुक गया। घटना के बाद इलाके में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

जहाज का नाम और चालक दल की जानकारी सामने नहीं

फिलहाल ईरानी अधिकारियों ने उस सुपरटैंकर की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि जहाज किस देश के झंडे के तहत चल रहा था, उसमें कितना तेल या अन्य माल था और हादसे के समय जहाज पर कितने लोग मौजूद थे।

ईरानी दावे में फिलहाल किसी के हताहत होने या चालक दल के सदस्यों के घायल होने की जानकारी भी नहीं दी गई है। जहाज को कितना नुकसान हुआ है, इसका स्वतंत्र आकलन भी अभी सामने नहीं आया है।

ईरान ने दूसरे जहाजों को दी सख्त चेतावनी

घटना के बाद IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को अपनी ओर से जारी सुरक्षा और नौवहन नियमों का पालन करने की चेतावनी दी है। ईरानी गार्ड्स का कहना है कि जो जहाज इन नियमों का उल्लंघन करते हुए आगे बढ़ेंगे, उन्हें भी इसी तरह के खतरे का सामना करना पड़ सकता है।

IRGC ने शिपिंग कंपनियों से ईरान द्वारा बताए गए मार्ग और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा है। इससे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए सुरक्षा संबंधी चिंता और बढ़ गई है।

पहले से बढ़ा हुआ है अमेरिका-ईरान तनाव

यह घटना ऐसे समय हुई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से काफी बढ़ा हुआ है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप के पास रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया था। अमेरिका का कहना था कि इन ठिकानों से समुद्री माइंस तैनात किए जाने का खतरा था।

इसके बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता गहरा गई है।

क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह संकरा समुद्री रास्ता वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

इस मार्ग पर किसी भी तरह का सैन्य तनाव, समुद्री माइंस का खतरा या जहाजों की आवाजाही में रुकावट वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकती है। इसी वजह से यहां होने वाली हर सैन्य या समुद्री घटना पर दुनिया की नजर रहती है।

तेल बाजार पर भी पड़ सकता है असर

होर्मुज में सुपरटैंकर के माइंस से टकराने की खबर ऐसे समय आई है जब क्षेत्र में तनाव के चलते तेल बाजार पहले ही दबाव में है। Reuters के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने के बाद सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।

अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित होती है, तो इसका असर कच्चे तेल की कीमतों के साथ-साथ परिवहन लागत और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।

अभी कई सवालों के जवाब बाकी

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि सुपरटैंकर कौन सा जहाज था, उसमें कौन सा माल था और माइंस कहां से आईं। ईरान ने घटना की जिम्मेदारी किसी दूसरे देश पर सीधे नहीं डाली है, लेकिन उसने जहाज को अपने निर्धारित सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाला बताया है।

इस पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। जहाज की स्थिति, चालक दल की सुरक्षा और होर्मुज में आगे की समुद्री आवाजाही को लेकर आने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी।

नोट: सुपरटैंकर के माइंस से टकराने और आग लगने की जानकारी अभी मुख्य रूप से ईरान के IRGC के बयान पर आधारित है। स्वतंत्र रूप से जहाज की पहचान, नुकसान और हताहतों की पुष्टि होने का इंतजार है।