नेपाल में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा, भूस्खलन से चौलानी नदी का रास्ता बंद; निचले इलाकों में अलर्ट

नेपाल में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा, भूस्खलन से चौलानी नदी का रास्ता बंद; निचले इलाकों में अलर्ट

दार्चुला में भारी भूस्खलन से चौलानी नदी का प्रवाह प्रभावित, 169 भारतीय सुरक्षित निकाले गए, 275 अब भी लापता

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इसी बीच शुक्रवार को दार्चुला जिले में भारी भूस्खलन के कारण चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया। पहाड़ी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में मलबा नदी में आने से उसका प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित हुआ है, जिससे आसपास के इलाकों और खासकर निचले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है और लोगों से नदी के आसपास जाने से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

वहीं, 26 अगस्त की बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद से नेपाल के कई प्रभावित इलाकों में बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। त्रिशूली बाजार क्षेत्र में राहत-बचाव टीमों ने पांच साल के बच्चे समेत तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारतीय और नेपाली अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है। अब तक 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 275 भारतीय नागरिकों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। नेपाल में इस प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से कई इलाकों में सड़कें, पुल और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में घर और अन्य ढांचे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। राहत एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरदराज के पहाड़ी इलाकों तक पहुंचना है, जहां भूस्खलन के कारण रास्ते लगातार बाधित हो रहे हैं। कई स्थानों पर मलबा हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने का काम जारी है।

सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक, आपदा के बाद हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोगों के लिए भोजन, पानी और जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन लगातार प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रहा है, क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में नए भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा अभी भी बना हुआ है। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। चौलानी नदी का प्रवाह प्रभावित होने के बाद दार्चुला में स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर, लापता भारतीयों की तलाश भी जारी है। बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना है।