MP में खराब बीज से फसल बर्बाद होने पर मुआवजे की मांग
मध्य प्रदेश में अमानक बीजों के कारण फसल बर्बाद होने की समस्या को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि खराब बीज के कारण नुकसान उठाने वाले किसानों को मुआवजा दिया जाए। साथ ही संबंधित बीज निर्माता कंपनियों और विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
MP में बीजों के 537 नमूने अमानक मिले
जीतू पटवारी ने पत्र में बीजों की गुणवत्ता से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए किसानों की परेशानी उठाई है। उनके मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में 15 सितंबर तक देशभर में 93,867 बीज नमूनों की जांच की गई। इनमें से 4,006 नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे।
आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 2,360 बीज नमूने अमानक पाए गए। मध्य प्रदेश में 537, उत्तर प्रदेश में 303 और छत्तीसगढ़ में 234 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।
महंगे बीज खरीदने के बाद भी किसानों को नुकसान
पत्र में कहा गया है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। किसान महंगे बीज खरीदकर खेतों में बुवाई करते हैं, लेकिन बीज अमानक निकलने पर उनकी मेहनत और निवेश पर असर पड़ता है। ऐसी स्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
खराब बीज से फसल प्रभावित होने पर किसानों के सामने अगली बुवाई और खेती से जुड़े खर्चों का इंतजाम करना भी चुनौती बन सकता है। ऐसे में बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावी व्यवस्था की जरूरत बताई गई है।
बीज कंपनियों और विक्रेताओं पर कार्रवाई की मांग
जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मांग की है कि अमानक बीज के कारण फसल बर्बाद होने पर प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा जिन कंपनियों ने खराब गुणवत्ता के बीज उपलब्ध कराए और जिन विक्रेताओं के माध्यम से उनकी बिक्री हुई, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब इस मामले में किसानों को राहत देने और बीजों की गुणवत्ता पर निगरानी मजबूत करने के लिए केंद्र और संबंधित विभागों की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।
news desk MPcg