Bhopal: मंडीदीप गेल प्लांट में गैस रिसाव,10 घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रित, सुरक्षा ऑडिट शुरू
भोपाल, 23 अप्रैल 2025: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सटे रायसेन जिले के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में स्थित गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) के प्लांट में मंगलवार-बुधवार की मध्यरात्रि करीब 12 बजे लिक्विड नाइट्रोजन गैस (एलएनजी) का रिसाव शुरू हुआ। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। लगभग 10 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद बुधवार सुबह 10:30 बजे रिसाव को नियंत्रित किया जा सका। सुरक्षा के मद्देनजर प्लांट के आसपास एक किलोमीटर के दायरे को खाली कराया गया और यातायात को पूरी तरह बंद कर दिया गया।
गेल का यह प्लांट एलएनजी को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) में परिवर्तित कर उद्योगों, घरों और व्यावसायिक इकाइयों को आपूर्ति करता है। रिसाव की सूचना मिलते ही प्लांट की फायर सेफ्टी टीम ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआती प्रयास विफल रहे। इसके बाद स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीईआरएफ), और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंचीं। मंडीदीप नगर पालिका और आसपास की फैक्ट्रियों की दमकल गाड़ियों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया।
रिसाव के कारण प्लांट के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा उपायों के तहत आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया और एक किलोमीटर के दायरे में बैरिकेडिंग की गई। स्थानीय निवासियों को रात में ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।
कर्मचारियों की हालत और प्लांट बंद
सूत्रों के अनुसार, रिसाव को रोकने की कोशिश में लगे कुछ कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। लगभग आधा दर्जन कर्मचारियों को नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, गेल प्रबंधन ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य खराब होने की बात को स्पष्ट रूप से स्वीकार नहीं किया। सुरक्षा ऑडिट पूरा होने तक प्लांट के संचालन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जयपुर और दिल्ली से गेल के वरिष्ठ अधिकारी मंडीदीप पहुंच चुके हैं और प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है।
प्रशासन का सक्रिय रुख
रायसेन कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा और पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने बुधवार दोपहर प्लांट का दौरा किया। कलेक्टर ने बताया कि गैस रिसाव की सूचना प्रबंधन ने देर से दी, जो गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कंपनी को भविष्य में ऐसी घटनाओं की तत्काल सूचना देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि आसपास के लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जाए, ताकि गैस के दुष्प्रभाव का समय पर इलाज हो सके।
पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि गैस के प्रभाव को कम करने के लिए क्षेत्र को सेनेटाइज किया जा रहा है। वैज्ञानिकों की एक टीम भी बुलाई गई है, जो रिसाव के पर्यावरणीय और स्वास्थ्य प्रभावों का आकलन करेगी। जब तक क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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