Model Code Of Conduct: जानिए क्या होती है आदर्श आचार संहिता, क्यों और कब होती है लागू
Model Code Of Conduct: जानिए क्या होती है आदर्श आचार संहिता, क्यों और कब होती है लागू
Aachar Sanhita in Election Explained: आज चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा चुनाव की तारीख की घोषणा होने के बाद से ही आज ही से आचार संहिता लागू हो गई है l आचार संहिता चुनाव प्रक्रिया के नियमों और गाइडलाइन को निर्धारित करती है। इसे चुनाव तारीखों की घोषणा के साथ लागू किया जाता है और यह प्रक्रिया के पूर्ण होने तक चलती है। लोकसभा चुनावों के दौरान यह पूरे देश में लागू होती है। जबकि विधानसभा चुनावों के दौरान यह पूरे राज्य में लागू होती है।
आखिर आचार संहिता क्या है?
चुनाव आयोग द्वारा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए बने नियमों को आचार संहिता कहते है । जब चुनाव आयोग लोकसभा या विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा करते हैं तभी से 'मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट' यानी आचार संहिता लागू हो जाती है। और चुनाव के नतीजे आने तक रहती है l आचार संहिता लागू होते ही धारा 144 भी लागू कर दी जाती है l
सरकार पर ये नियम होते हैं लागू
आचार संहिता के समय मुख्यमंत्री-मंत्री- विधायक पर कई तरह के पाबंदी लगाई जाती है और अगर सरकार कुछ भी करना चाहे तो उसे पहले चुनाव आयोग को बताना और मंजूरी लेना जरूरी होता है lचुनाव के दौरान सभी पार्टियों, नेताओं, आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को आचार संहिता के नियमों का पालन करना जरूरी होता है l आचार संहिता के दौरान सरकारी घोषणा, लोकार्पण नहीं किया जाता है l
- सरकारी योजनाओं पर होते है लागू
- सरकारी संपत्तियों का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता है l मुख्यमंत्री या मंत्री प्रचार के लिए सरकारी वाहनों या सायरन वाली कर का इस्तेमाल नहीं कर सकता है और किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं किया जा सकता हैं l
- प्रचार प्रसार के लिए धार्मिक स्थलों का प्रयोग करना मना है l इसके साथ ही वे जाति या समुदाय के बीच विवादित विषयों को लेकर बयान बाजी करना मना हैं l आचार संहिता समाप्त होते तक पांच से अधिक लोग एक साथ नहीं रह सकते हैं l
- हम आपको बता दे की अगर कोई आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके प्रचार करने पर रोक लगाया जा सकता है l
- इसके साथ ही प्रत्याशी के खिलाफ अपराधिक मुद्दा दर्ज कर उसे जेल में बंद किया जा सकता है। इसके अलावा इलेक्शन कमीशन के पास पार्टी को निलंबित करने या वापस लेने का अधिकार है l
- चुनाव के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सरकारी खर्चे पर पार्टी की उपलब्धियों के संबंध में विज्ञापन और सरकारी जन-सम्पर्क निषेध है।
- सरकार के कार्यक्रमों के लिए कई दिशा-निर्देश हैं। इंदिरा आवास योजना के तहत कोई नया निर्माण कार्य चुनावों के पूरा होने तक नहीं आरंभ किया जाएगा।और किसी भी नए लाभार्थी को स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
- किसी परियोजना या योजना की आधारशिला इत्यादि नहीं रखी जा सकेगी। सड़क या पीने के पानी की सुविधा जैसे किसी भी उपाय का वादा भी नहीं किया जाएगा।
- अखबारों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित अन्य मीडिया पर सरकारी राजकोष के खर्चें पर कोई विज्ञापन जारी नहीं होगा।
- वही 1860 का भारतीय दंड संहिता, 1973 का अपराधी के प्रतिक्रिया संहिता और 1951 का लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम प्रयोग में लाया जा सकता है l
- सरकार द्वारा केंद्र में सत्ताधारी पार्टी/राज्य सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले होर्डिंग या विज्ञापनों को सरकार खर्चे पर जारी नहीं रखा जाएगा।
Newsdesk