Prime Minister Sheikh Hasina: शेख हसीना के भारत आगमन के बाद की पूरी कहानी
Prime Minister Sheikh Hasina:हिंसा ने 5 अगस्त को इतनी विकराल रूप ले लिया कि शेख हसीना के पास देश छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा
दिल्ली: बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, जो दुनिया की किसी भी सरकार पर सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महिला हैं, ने हाल ही में अपने देश को छोड़कर भारत का रुख किया। बांग्लादेश में भड़की हिंसा के चलते शेख हसीना को महज 16 घंटों में सत्ता से हाथ धोना पड़ा और देश भी छोड़ना पड़ा।
घटनाक्रम की शुरुआत:
4 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण को लेकर व्यापक हिंसा शुरू हुई। इस हिंसा ने 5 अगस्त को इतनी विकराल रूप ले लिया कि शेख हसीना के पास देश छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। ढाका से शरण की तलाश में शेख हसीना ने भारत की ओर रुख किया और C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से त्रिपुरा के अगरतला के रास्ते भारत पहुंचीं।
भारत में आगमन:
सोमवार शाम को लगभग 6 बजे, शेख हसीना का विमान गाजियाबाद के पास हिंडन एयरबेस पर उतरा। भारत सरकार ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना की मदद से उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हालांकि, शेख हसीना के ठहरने की जगह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सुरक्षा और बैठकें:
सेना की निगरानी: शेख हसीना के विमान को भारत की वायुसेना ने सुरक्षा घेरे में ले लिया। हिंडन एयरबेस पर उतरने के बाद, उन्हें एक सेफ हाउस में भेज दिया गया, और उनके विमान की निगरानी जारी रही।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की मुलाकात: हिंडन में शेख हसीना से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, पश्चिमी वायु कमान प्रमुख एयर मार्शल पंकज मोहन सिन्हा और अन्य शीर्ष खुफिया और सैन्य अधिकारियों ने मुलाकात की। इस मुलाकात में लगभग एक घंटे तक बातचीत हुई।
कैबिनेट समिति की बैठक: पीएम मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट समिति की बैठक हुई जिसमें शेख हसीना के बांग्लादेश छोड़ने की घटनाओं की समीक्षा की गई। इस बैठक में बांग्लादेश में भारतीय नागरिकों और राजनयिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हुए।
भविष्य की योजना:
शेख हसीना फिलहाल भारत में ही रुकेंगी जब तक उन्हें किसी अन्य देश में शरण नहीं मिल जाती। उनके रिश्तेदार लंदन, अमेरिका और सिंगापुर में रहते हैं, इसलिए वे लंदन जाने पर विचार कर रही हैं। भारत सरकार ने शेख हसीना को पूरी सुरक्षा और सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि वह यहां घर जैसा महसूस कर सकें।
भारत में शेख हसीना के ठहरने की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है, और उनकी हर गतिविधि पर गहरी निगरानी रखी जा रही है। उनके आने से बांग्लादेश के मौजूदा संकट और उसकी राजनीतिक स्थिति पर भी वैश्विक दृष्टिकोण बन रहा है।
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