सेना की वर्दी में आतंकी, घाटी से दिल्ली तक हलचल
पहलगाम हमले के बाद आतंकवादियों द्वारा भारतीय सेना की वर्दी जैसा पहनावा अपनाने का खतरनाक ट्रेंड सामने आया है, जिससे सुरक्षा बलों और आम लोगों के लिए खतरे की पहचान मुश्किल हो रही है। त्राल में हाल के एनकाउंटर में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों के पास भी ऐसी वर्दी मिली, जिसकी जांच जारी है। दिल्ली में इस मुद्दे पर हाई लेवल बैठक में चिंता जताई गई, क्योंकि यह भ्रम पैदा कर सकता है।
पहलगाम अटैक के बाद एक नई टेंशन सामने आई है। टेंशन ने दिल्ली तक हलचल मचा दी है। दरअसल, घाटी में एक चिंताजनक ट्रेंड दिख रहा है। करीब तीन आतंकवादी घटनाओं में आतंकी भारतीय सुरक्षा बलों जैसी वर्दी में दिखाई दिए हैं। इससे आम लोगों और सुरक्षाकर्मियों दोनों के लिए खतरे की पहचान करना मुश्किल हो गया है। पहलगाम में आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट के भारी हथियारों से लैस आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं। अटैक के वक्त भी आतंकी इंडियन आर्मी के जवानों जैसी ही वर्दी में थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि पहलगाम हमले में शामिल कुछ आतंकवादी अभी भी दक्षिण कश्मीर में छिपे हो सकते हैं।
बहरहाल, पहलगाम आतंकी हमले के हमलावरों की तलाश जारी है। इसी बीच त्राल में हाल ही में हुए एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी मारे गए। मुठभेड़ के बाद इन आतंकियों के पास से जो कपड़े मिले हैं, वे एक नई चिंता पैदा कर रहे थे। दरअसल, ये तीनों आतंकी भारतीय सेना की वर्दी जैसे कपड़े पहने हुए थे। उनके कपड़ों खासकर उनकी जैकेट और उपकरणों की अब बारीकी से जांच की जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर से भारत पाकिस्तान से निपट रहा था, तभी नगोटरा मिलिट्री स्टेशन पर तैनात एक सतर्क संतरी ने घुसपैठ की एक और कोशिश को नाकाम किया। घुसपैठिए ने संभवत: सैन्य वर्दी पहनी हुई थी और वह सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गोलियों की बौछार में उसे पीछे हटना पड़ा।
आतंकवादी जिस तरह से सुरक्षाबलों की वर्दी जैसा पहनावा पहन रहे हैं, यह एक बड़ी सुरक्षा चिंता बन गया है। अधिकारियों को डर है कि इससे खतरनाक भ्रम पैदा हो सकता है। खासकर तेजी से चल रहे अभियानों के दौरान या फिर जब आम लोगों को दोस्त और दुश्मन के बीच फर्क करना हो। सेना के अधिकारियों का कहना है कि मामले पर दिल्ली में एक हाई लेवल बैठक में भी चर्चा की गई। बैठक में भारत के कई टॉप अफसर मौजूद थे।
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