गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्रांति की तैयारी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना को मिली रफ्तार विदेशी निवेशकों को जल्द मिलेगी जमीन

गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्रांति की तैयारी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना को मिली रफ्तार विदेशी निवेशकों को जल्द मिलेगी जमीन

उत्तर प्रदेश के महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक विकास को नई गति देने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार अब एक्सप्रेसवे से जुड़े जनपदों में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित कर निवेश, रोजगार और औद्योगिक विस्तार का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने मेरठ में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

एक माह में तैयार होगा विस्तृत प्रारूप

समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि औद्योगिक गलियारे का विस्तृत प्रारूप एक महीने के भीतर तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि विदेशी और घरेलू निवेशकों को जल्द भूमि उपलब्ध कराई जाए ताकि वे अपने उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर सकें। सरकार का लक्ष्य निवेशकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं देकर बड़े पैमाने पर उद्योगों को आकर्षित करना है।

सभी जिलों में विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र

गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित जिलों में चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इससे न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। सरकार का मानना है कि एक्सप्रेसवे के साथ विकसित होने वाला यह औद्योगिक नेटवर्क प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा।

अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के विकास में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परियोजना की नियमित निगरानी के लिए अधिकारियों की नियुक्ति करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

निवेश और रोजगार का नया केंद्र बनेगा कॉरिडोर

विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित होने वाला इंडस्ट्रियल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में निवेश का नया केंद्र बन सकता है। बेहतर सड़क संपर्क, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और बड़े भू-क्षेत्र की उपलब्धता उद्योगों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मेरठ से लेकर पूर्वांचल तक विकास की नई राह

गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना पहले ही प्रदेश के विकास की रीढ़ मानी जा रही है। अब इसके साथ विकसित होने वाले औद्योगिक गलियारे से मेरठ, प्रयागराज और अन्य जिलों में आर्थिक गतिविधियों को नया बल मिलने की उम्मीद है। सरकार का फोकस औद्योगिक निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय विकास को गति देने पर है।