बाबा बैद्यनाथ धाम यात्रा होगी आसान, सरकार ने जारी किया विशेष फंड
श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। हर वर्ष लाखों की संख्या में बाबा भोलेनाथ के भक्त सुल्तानगंज से देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम तक जल लेकर पैदल यात्रा करते हैं। इस विशाल धार्मिक आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के लिए बिहार सरकार ने 13 जिलों में आयोजित होने वाले श्रावणी मेलों के लिए करोड़ों रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है।
सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग मेला क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, स्वच्छता सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस बार श्रद्धालुओं को यात्रा और दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आस्था के महापर्व के लिए सरकार की बड़ी तैयारी
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि श्रावणी मेला बिहार की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए बिहार और झारखंड की यात्रा करते हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार ने इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह बिहार की संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार इसे सफल और सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
पहले चरण में जारी होगी 50 प्रतिशत राशि
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार स्वीकृत धनराशि का 50 प्रतिशत हिस्सा पहले चरण में संबंधित जिलों को उपलब्ध कराया जाएगा। शेष राशि आवश्यकता और प्रशासनिक मांग के आधार पर बाद में जारी की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मेला तैयारियों में धन की कमी बाधा न बने और सभी आवश्यक कार्य समय पर पूरे किए जा सकें। जिला प्रशासन को पहले से ही जरूरी योजनाएं तैयार करने और सुविधाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
भागलपुर को मिला सबसे बड़ा आवंटन
श्रावणी मेला व्यवस्था के लिए विभिन्न जिलों को अलग-अलग राशि आवंटित की गई है। इनमें भागलपुर को सबसे अधिक 1 करोड़ 30 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। सुल्तानगंज से देवघर जाने वाले कांवरिया पथ का बड़ा हिस्सा भागलपुर क्षेत्र में होने के कारण यहां सबसे अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इसके अलावा बांका और मुंगेर को 1-1 करोड़ रुपये, लखीसराय को 75 लाख रुपये तथा मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ और बाबा दूधनाथ मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं के लिए 50 लाख रुपये दिए गए हैं। बेगूसराय के विभिन्न मेला स्थलों के लिए 30 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। अन्य जिलों को भी स्थानीय जरूरतों के अनुसार राशि आवंटित की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी, कंट्रोल रूम, ड्रोन सर्विलांस और आपातकालीन सहायता केंद्रों की स्थापना की जाएगी।
भीड़ प्रबंधन को लेकर विशेष योजना बनाई जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति से बचा जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर पहले से तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष फोकस
सरकार इस बार स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मेला क्षेत्रों में अस्थायी शौचालय, पेयजल केंद्र, सफाई कर्मियों की तैनाती और कचरा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
इसके साथ ही मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस सेवा, प्राथमिक उपचार केंद्र और स्वास्थ्यकर्मियों की टीमों को भी तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके।
कांवरियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं
श्रावणी मेले के दौरान हजारों कांवरिए कई दिनों तक पैदल यात्रा करते हैं। उनकी सुविधा के लिए विश्राम स्थल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, मोबाइल चिकित्सा इकाइयां और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध हो।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण अवसर लेकर आता है। मेले के दौरान होटल, परिवहन, भोजनालय, पूजा सामग्री विक्रेता और अन्य छोटे कारोबारियों को अच्छा आर्थिक लाभ मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर व्यवस्थाओं से इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि हो सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा मिलेगा।
श्रद्धालुओं में उत्साह
सरकार की घोषणा के बाद बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और कांवरियों में उत्साह का माहौल है। श्रद्धालुओं का मानना है कि बेहतर सुविधाओं और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था से उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगी।
श्रावणी मेला शुरू होने में अभी कुछ समय शेष है, लेकिन प्रशासनिक तैयारियां तेजी से शुरू हो चुकी हैं। सरकार का दावा है कि इस बार का श्रावणी मेला पहले से अधिक भव्य, सुरक्षित और व्यवस्थित होगा, जिससे बाबा भोलेनाथ के भक्तों को बेहतर अनुभव मिल सकेगा।
news desk MPcg