पंजाब में ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने की तैयारी हजारों कच्चे कर्मचारियों को मिलेगा फायदा, कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला
कैबिनेट बैठक में अहम फैसला पंजाब सरकार ने सरकारी विभागों में लंबे समय से चल रही ठेकेदारी (आउटसोर्सिंग) व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में समूह C और समूह D की नौकरियों में ठेकेदारी सिस्टम समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
65,000 से ज्यादा कर्मचारियों को राहत
सरकार के इस फैसले से राज्य के 65,000 से अधिक आउटसोर्स और कच्चे कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से काम कर रहे इन कर्मचारियों को अब सरकारी ढांचे के भीतर लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत क्या बदलेगा
नई नीति लागू होने के बाद समूह C और D की नौकरियों में ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त होगी आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी अनुबंध के दायरे में लाया जाएगा भविष्य में नियमित भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी
नया कानून लाने की तैयारी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि सरकार “पंजाब आउटसोर्स पर्सनल विधेयक-2026” लाने की तैयारी कर रही है। इस कानून के जरिए वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को एक स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।
अध्यादेश को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने इस संबंध में अध्यादेश को भी मंजूरी दे दी है, जिसे अब राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।
कर्मचारियों में खुशी की लहर
इस फैसले को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से नौकरी की सुरक्षा और स्थायित्व की मांग कर रहे आउटसोर्स कर्मियों को अब नई व्यवस्था से उम्मीदें बढ़ गई हैं।
सरकार का दावा
सरकार का कहना है कि इस कदम से न केवल कर्मचारियों को स्थिरता मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। पंजाब सरकार का यह फैसला राज्य में रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। ठेकेदारी सिस्टम खत्म होने से हजारों कर्मचारियों के भविष्य को एक नई दिशा मिलने की संभावना है।
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