राम मंदिर के चढ़ावे पर सियासी संग्राम अखिलेश यादव के आरोपों पर चंपत राय का जवाब, भाजपा भी हुई हमलावर

राम मंदिर के चढ़ावे पर सियासी संग्राम अखिलेश यादव के आरोपों पर चंपत राय का जवाब, भाजपा भी हुई हमलावर

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि को लेकर समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी और करोड़ों रुपये गायब होने के आरोप लगाए जाने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भाजपा दोनों ने मोर्चा संभाल लिया है।

चंपत राय ने किया आरोपों का खंडन

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अखिलेश यादव के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है और नियमित रूप से आंतरिक ऑडिट कराया जाता है। इस प्रक्रिया में ट्रस्ट के अधिकारियों के साथ भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल रहते हैं।

चंपत राय के अनुसार, ऑडिट का कार्य कई दिनों तक चलता है और अब तक किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी सामने नहीं आई है।

अखिलेश यादव ने उठाए थे सवाल

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे और उसके प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने दावा किया था कि मंदिर के चढ़ावे की राशि को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अखिलेश के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया और विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का पलटवार

अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी है। उन्होंने विपक्ष पर धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।

पंकज चौधरी ने कहा कि बिना तथ्यों के इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है और जनता सब कुछ देख रही है।

राम मंदिर पर राजनीति तेज

राम मंदिर देश की आस्था और राजनीति दोनों का बड़ा केंद्र रहा है। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे को लेकर उठे आरोप और उसके बाद आई प्रतिक्रियाओं ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

ऑडिट प्रक्रिया पर ट्रस्ट का भरोसा

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का कहना है कि सभी आर्थिक गतिविधियां निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के तहत संचालित की जाती हैं। ट्रस्ट ने दोहराया कि ऑडिट प्रक्रिया लगातार जारी है और किसी भी तरह की गड़बड़ी की बात अब तक सामने नहीं आई है। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, जबकि ट्रस्ट अपनी वित्तीय व्यवस्था को लेकर पूरी पारदर्शिता का दावा कर रहा है।