मध्य प्रदेश के देवास में पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, तीन लोगो की हुई मौत, कई है घायल

मध्य प्रदेश  के देवास में पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग, तीन लोगो की हुई मौत, कई है घायल


                                                                                                              
मध्य प्रदेश के देवास जिले में स्थित टोंककला के पास एबी रोड पर जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार सुबह 10.30 बजे अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। जोरदार धमाकों से आसपास का क्षेत्र गूंज उठा। जिससे आसपास कई किलोमीटर तक कंपन महसूस किया गया। हादसे में अबतक तीन मजदूरों की मौत भी हो गई है, जबकि 27 से ज्यादा मजदूर झुलस गए हैं। विस्फोट इतना तेज था कि, फैक्ट्री का मलबा और शव सड़क तक जा पहुंचे। प्रशासन ने राहत-बचाव कार्य शुरू कर जांच के आदेश दिए हैं।

कई मीटर दूर सड़क पर गिरे शवों के टुकड़े

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि, धमाके इतने शक्तिशाली थे कि, फैक्ट्री का टीन शेड हवा में उड़कर कई मीटर दूर स्थित एबी रोड पर आ गिरे। इस दौरान सड़क पर दूर-दूर तक फैक्ट्री के मलबे के साथ कुछ शवों के टुकड़े तक पड़े दिखाई दिये, जिससे घटनास्थल पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

आसमान पर दिखा काले धुएं का गुबार 

घटना के बाद से फैक्ट्री परिसर से लगातार काले धुएं का गुबार उठता नजर आ रहा है। आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर जमा हो गए, लेकिन लगातार हो रहे धमाकों के कारण कोई भी फैक्ट्री के करीब जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा। बताया जा रहा है कि, फैक्ट्री में भारी मात्रा में बारूद और तैयार पटाखे रखे थे, जिसके चलते चंद मिनटों में ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। वहीं, मामले में पुलिस ने अनिल मालवीय को गिरफ्तार किया है।            

संभागायुक्त आशीष सिंह के मौके पर पहुंचने पर भीड़ ने उन्हें घेर लिया और आक्रोश व्यक्त करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया।

घटना स्थल पर मौजूद बिहार के अररिया जिले के निवासी विपिन कुमार ने बताया वह मशीन में काम कर रहे थे। इसी दौरान करीब 20 मीटर की दूरी पर जोरदार धमाका हुआ।

जाकर देखा तो कई लोग झुलस चुके थे। सूचना देने के बाद करीब 45 मिनट तक एंबुलेंस नहीं पहुंची थी। अगर समय पर एंबुलेंस आ जाती तो संभव था कुछ लोगों की जान बच जाती। आग कैसे लगी इसके बारे में हमें भी नहीं पता है।

फैक्ट्री में कई कमरे बने हुए हैं

श्रमिकों के अनुसार फैक्ट्री में कई कमरे बने हुए हैं, इनमें से एक में धमाका हुआ था। 500 से अधिक श्रमिक काम करते हैं जिनमें बिहार के रहने वाले लगभग 200 के आसपास हैं। 12 घंटे काम करवाया जाता था और सैलरी ₹15000 थी। रहने के इंतजाम भी वहीं थे। बिहार के अररिया जिले के छोटू नाम के ठेकेदार के माध्यम से अधिकांश बिहारी श्रमिक यहां आए थे। फैक्ट्री के मालिक दिल्ली निवासी बताए जा रहे हैं हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।