इंदौर ISBT बनेगा आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब, बस-मेट्रो-रेल कनेक्टिविटी से 50 हजार यात्रियों को मिलेगा फायदा

इंदौर ISBT बनेगा आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब, बस-मेट्रो-रेल कनेक्टिविटी से 50 हजार यात्रियों को मिलेगा फायदा

कुमेड़ी ISBT के संचालन की जिम्मेदारी BVG इंडिया को सौंपी गई, 1500 से ज्यादा बसों के संचालन की होगी क्षमता

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर के कुमेड़ी स्थित इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) को अब अत्याधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इस टर्मिनल के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अब BVG इंडिया लिमिटेड को सौंपी गई है।

करीब 5.85 हेक्टेयर (14.46 एकड़) क्षेत्र में फैला यह आईएसबीटी आने वाले समय में बस, मेट्रो और रेलवे कनेक्टिविटी के साथ एकीकृत परिवहन केंद्र के रूप में काम करेगा। अधिकारियों के अनुसार, यहां से प्रतिदिन करीब 50 से 55 हजार यात्रियों को सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

1500 से ज्यादा बसों के संचालन की क्षमता

कुमेड़ी स्थित आईएसबीटी को बड़े स्तर पर डिजाइन किया गया है। यहां प्रतिदिन 1500 से अधिक बसों के संचालन की क्षमता विकसित की गई है।

यह टर्मिनल मध्य प्रदेश को गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और अन्य राज्यों से जोड़ने वाले प्रमुख परिवहन केंद्र के रूप में काम करेगा।

इंदौर जैसे तेजी से बढ़ते शहर में बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए इस परियोजना को सार्वजनिक परिवहन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बस, मेट्रो और रेलवे की होगी सीधी कनेक्टिविटी

कुमेड़ी आईएसबीटी की सबसे बड़ी खासियत इसका मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम होगा।

टर्मिनल को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने के लिए यहां समर्पित फुटओवर ब्रिज (FOB) बनाया गया है, जिसके माध्यम से यात्री बस और मेट्रो के बीच आसानी से आवागमन कर सकेंगे।

भविष्य में रेलवे कनेक्टिविटी जुड़ने के बाद यह प्रदेश के सबसे आधुनिक सार्वजनिक परिवहन केंद्रों में शामिल हो सकता है।

इससे यात्रियों को अलग-अलग परिवहन माध्यमों के बीच बदलाव करने में कम समय लगेगा और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।

BVG इंडिया संभालेगी संचालन और रखरखाव

आईएसबीटी के संचालन की जिम्मेदारी अब BVG इंडिया लिमिटेड को दी गई है। लीज मॉडल के तहत कंपनी टर्मिनल के संपूर्ण प्रबंधन का काम संभालेगी।

कंपनी की जिम्मेदारियों में शामिल होंगे—

इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का रखरखाव
यात्री सुविधाओं का प्रबंधन
पार्किंग व्यवस्था
ट्रैफिक मैनेजमेंट
सुरक्षा व्यवस्था
डिजिटल संचालन
यूटिलिटी सेवाओं का संचालन
व्यावसायिक गतिविधियों का प्रबंधन

कंपनी एकीकृत सुविधा मॉडल के तहत पूरे टर्मिनल की व्यवस्थाओं को संचालित करेगी।

स्मार्ट तकनीक से होगा संचालन

कुमेड़ी आईएसबीटी को स्मार्ट तकनीक से लैस किया जाएगा। यहां डिजिटल सिस्टम के माध्यम से संचालन को आसान और पारदर्शी बनाने की योजना है।

टर्मिनल में आधुनिक सुविधाओं के रूप में—

डिजिटल एसेट मैनेजमेंट सिस्टम
ऑटोमेटेड पार्किंग व्यवस्था
डिजिटल भुगतान सुविधा
सीसीटीवी निगरानी
पब्लिक इंफॉर्मेशन सिस्टम
शिकायत निवारण प्रणाली
रियल टाइम ऑपरेशनल डैशबोर्ड

जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

इसके अलावा मशीनीकृत सफाई और नियमित रखरखाव व्यवस्था के जरिए बिजली, पानी, लिफ्ट, एयर कंडीशनिंग और सीवेज ट्रीटमेंट जैसी सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण पर भी रहेगा जोर

इंदौर आईएसबीटी को केवल परिवहन केंद्र ही नहीं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है।

परियोजना में कई हरित सुविधाओं को शामिल किया जाएगा, जिनमें—

सौर ऊर्जा उत्पादन
ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग
सीवेज जल का पुनर्चक्रण
वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन
जैविक अपशिष्ट प्रसंस्करण
जल संरक्षण व्यवस्था
हरित क्षेत्र विकास

शामिल हैं।

इन व्यवस्थाओं के जरिए टर्मिनल को टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

30 हजार वर्गफुट में विकसित होंगी व्यावसायिक सुविधाएं

आईएसबीटी परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए व्यावसायिक गतिविधियों को भी विकसित किया जाएगा।

करीब 30 हजार वर्गफुट क्षेत्र में रिटेल और कमर्शियल स्पेस तैयार किए जाएंगे। यहां यात्रियों के लिए—

दुकानें
रेस्टोरेंट
फूड कोर्ट
कार्यालय
अन्य आवश्यक सेवाएं

उपलब्ध होंगी।

इससे यह परिसर केवल बस टर्मिनल नहीं रहेगा, बल्कि एक आधुनिक सार्वजनिक और व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित होगा।

सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखकर तैयार होगी व्यवस्था

इंदौर आईएसबीटी की संचालन योजना में भविष्य में होने वाले बड़े आयोजनों को भी ध्यान में रखा गया है।

विशेष रूप से सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और यात्रियों की आवाजाही को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, अतिरिक्त स्टाफ, सफाई व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को मजबूत करने की योजना बनाई गई है।

इसके लिए मेट्रो और रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय कर बेहतर परिवहन व्यवस्था तैयार की जाएगी।

BVG इंडिया ने बताया उद्देश्य

BVG इंडिया लिमिटेड की सीईओ रूपल सिन्हा ने कहा कि देश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तेजी से बदल रही है और आधुनिक बस टर्मिनल अब केवल यात्रियों के आने-जाने की जगह नहीं रह गए हैं, बल्कि वे एकीकृत मोबिलिटी इकोसिस्टम का हिस्सा बन रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य कुमेड़ी आईएसबीटी को स्मार्ट, टिकाऊ और यात्रियों की जरूरतों के अनुसार विकसित करना है।

कंपनी के अनुसार, एयरपोर्ट, अस्पतालों, औद्योगिक परिसरों और बड़े सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालन के अनुभव का उपयोग इस परियोजना में किया जाएगा।

इंदौर की परिवहन व्यवस्था को मिलेगा नया स्वरूप

इंदौर लगातार देश के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल हो रहा है। ऐसे में बढ़ती आबादी और यात्रियों की संख्या को देखते हुए आधुनिक परिवहन ढांचे की जरूरत बढ़ी है।

कुमेड़ी आईएसबीटी के पूरी तरह विकसित होने के बाद शहर को एक ऐसा ट्रांसपोर्ट हब मिलेगा, जहां बस, मेट्रो और भविष्य की रेलवे कनेक्टिविटी एक साथ उपलब्ध होगी।

यह परियोजना इंदौर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ यात्रियों के अनुभव को भी बेहतर बनाने की उम्मीद है।