18 साल की उम्र में बने दुनिया के सबसे युवा पुरुष प्रोफेसर: नाथन थॉमस ने तोड़ा 306 साल पुराना रिकॉर्ड, 10 साल में शुरू की थी कॉलेज पढ़ाई

18 साल की उम्र में बने दुनिया के सबसे युवा पुरुष प्रोफेसर: नाथन थॉमस ने तोड़ा 306 साल पुराना रिकॉर्ड, 10 साल में शुरू की थी कॉलेज पढ़ाई

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दी मान्यता; 18 साल 346 दिन की उम्र में मियामी डेड कॉलेज में पढ़ाना शुरू किया, अब कानून की पढ़ाई कर रहे हैं

फ्लोरिडा (अमेरिका)। दुनिया में कुछ लोग अपनी उम्र से कहीं आगे जाकर उपलब्धियां हासिल करते हैं। अमेरिका के नाथन थॉमस भी ऐसी ही प्रतिभाओं में शामिल हैं, जिन्होंने बेहद कम उम्र में शिक्षा के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। नाथन थॉमस को दुनिया के सबसे युवा पुरुष प्रोफेसर के रूप में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने मान्यता दी है।

नाथन ने यह रिकॉर्ड तब बनाया, जब उन्होंने केवल 18 साल 346 दिन की उम्र में कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में पढ़ाना शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने करीब 306 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जो इतने लंबे समय से कायम था।

सबसे खास बात यह है कि नाथन ने जिस कॉलेज में शिक्षक के रूप में अपनी शुरुआत की, उनकी शैक्षणिक यात्रा भी वहीं से शुरू हुई थी। एक समय वह इसी संस्थान में छात्र थे और कुछ वर्षों बाद उसी जगह विद्यार्थियों को पढ़ाने लगे।


10 साल की उम्र में कॉलेज में लिया था दाखिला

नाथन थॉमस का जन्म 9 सितंबर 2004 को हुआ था। बचपन से ही उनकी रुचि विज्ञान, तकनीक, गणित और इंजीनियरिंग जैसे विषयों में थी। उनकी सीखने की क्षमता और तेज समझ के कारण उन्होंने सामान्य उम्र से काफी पहले उच्च शिक्षा की शुरुआत कर दी।

सिर्फ 10 साल की उम्र में नाथन ने मियामी डेड कॉलेज में दाखिला लिया। वह वहां एक विशेष शैक्षणिक कार्यक्रम के माध्यम से जुड़े थे, जिसमें प्रतिभाशाली और तेज सीखने वाले छात्रों को कम उम्र में कॉलेज स्तर की पढ़ाई का मौका दिया जाता है।

उस समय जब उनकी उम्र के बच्चे स्कूल की सामान्य पढ़ाई कर रहे थे, नाथन कॉलेज स्तर के विषयों को समझने और सीखने में जुटे थे।

इसके बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए 14 साल की उम्र में फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में प्रवेश लिया। यहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपनी पढ़ाई जारी रखी।


18 साल की उम्र तक पूरी कर ली बैचलर और मास्टर डिग्री

नाथन थॉमस की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उन्होंने बहुत कम उम्र में उच्च शिक्षा के कई स्तर पूरे कर लिए।

18 साल की उम्र तक उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बैचलर और मास्टर डिग्री पूरी कर ली थी। दोनों डिग्रियां उन्होंने अच्छे प्रदर्शन के साथ हासिल कीं।

जब उनकी उम्र के अधिकतर युवा अभी कॉलेज की शुरुआती पढ़ाई पूरी कर रहे थे, उस समय नाथन न केवल अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर चुके थे, बल्कि एक शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।


उसी कॉलेज में बने प्रोफेसर जहां कभी छात्र थे

अगस्त 2023 में नाथन थॉमस ने मियामी डेड कॉलेज में फैकल्टी सदस्य के रूप में काम शुरू किया।

पहली बार जब वह क्लासरूम में शिक्षक बनकर पहुंचे तो स्थिति काफी अलग थी। कई छात्र उम्र में उनसे ज्यादा बड़े नहीं थे और कुछ लगभग उनकी ही उम्र के थे।

हालांकि, नाथन के ज्ञान और विषय पर मजबूत पकड़ ने उन्हें छात्रों के बीच अलग पहचान दिलाई। उन्होंने इंजीनियरिंग से जुड़े विषय पढ़ाने शुरू किए और कम उम्र के बावजूद एक अनुभवी शिक्षक की तरह अपनी भूमिका निभाई।

वह छात्रों को कंप्यूटिंग और प्रोग्रामिंग से जुड़े विषय पढ़ाते हैं। उनके पाठ्यक्रम में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की मूल अवधारणाओं को शामिल किया गया है।


माता-पिता से मिली इंजीनियरिंग की प्रेरणा

नाथन थॉमस के अनुसार, तकनीक और इंजीनियरिंग में उनकी रुचि का बड़ा कारण उनका पारिवारिक माहौल रहा।

उनके माता-पिता दोनों इंजीनियर हैं। बचपन से ही उन्हें विज्ञान और तकनीक से जुड़े विषयों को समझने का अवसर मिला।

खासकर उनकी मां ने कठिन विषयों को आसान भाषा में समझाने में उनकी काफी मदद की। नाथन का कहना है कि बचपन में मां द्वारा सिखाई गई कई बातें आज उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने बताया कि कई बार माता-पिता द्वारा दी गई छोटी-छोटी सीख भविष्य में बड़ी उपलब्धियों का आधार बन जाती है।


अब कानून की पढ़ाई कर रहे हैं नाथन

प्रोफेसर बनने के बाद भी नाथन थॉमस ने अपनी शिक्षा जारी रखी है। वर्तमान में वह कानून की पढ़ाई कर रहे हैं।

उनकी योजना इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ (बौद्धिक संपदा कानून) में विशेषज्ञता हासिल करने की है। वह खासतौर पर विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM क्षेत्र से जुड़े कानूनी मामलों में रुचि रखते हैं।

नाथन का मानना है कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई ने उन्हें जटिल समस्याओं को छोटे हिस्सों में बांटकर समझना सिखाया है। अब वह इसी सोच का इस्तेमाल कानून की पढ़ाई में भी कर रहे हैं।

उनके अनुसार, शिक्षक बनने से उनकी अपनी समझ भी मजबूत होती है, क्योंकि दूसरों को पढ़ाने के दौरान किसी विषय को और गहराई से समझना पड़ता है।

वह अपनी कानून की डिग्री साल 2028 तक पूरी करने की उम्मीद कर रहे हैं।


306 साल पुराना रिकॉर्ड कैसे टूटा?

नाथन थॉमस के नाम दर्ज रिकॉर्ड से पहले सबसे युवा पुरुष प्रोफेसर का रिकॉर्ड 18वीं सदी में बना था।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अनुसार, इससे पहले यह रिकॉर्ड मैकनॉरेन के नाम था, जिन्होंने साल 1717 में प्रोफेसर बनकर यह उपलब्धि हासिल की थी।

करीब तीन शताब्दियों से ज्यादा समय तक यह रिकॉर्ड कायम रहा। नाथन ने 18 साल 346 दिन की उम्र में प्रोफेसर बनकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया।

महिला वर्ग में सबसे कम उम्र में प्रोफेसर बनने का रिकॉर्ड Alia Sabur के नाम है। अलिया साबुर साल 2008 में 18 साल 362 दिन की उम्र में प्रोफेसर बनी थीं।

नाथन पुरुष वर्ग में यह रिकॉर्ड बनाने वाले सबसे युवा प्रोफेसर हैं।


पढ़ाई के साथ खेल और संगीत में भी रुचि

नाथन थॉमस सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं। उन्हें खेल और संगीत में भी काफी रुचि है।

वह बास्केटबॉल, टेनिस और गोल्फ खेलना पसंद करते हैं। इसके अलावा उन्हें पियानो बजाने का भी शौक है।

उनका मानना है कि जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। सिर्फ पढ़ाई या करियर पर ध्यान देने के बजाय अपनी रुचियों को भी समय देना चाहिए।


नाथन थॉमस का संदेश- उम्र सफलता की सीमा नहीं

अपनी उपलब्धि को लेकर नाथन थॉमस का कहना है कि सफलता के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होती।

उनके अनुसार, हर व्यक्ति की सीखने और आगे बढ़ने की गति अलग होती है। इसलिए दूसरों से तुलना करने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार लगातार मेहनत करते रहना चाहिए।

नाथन की कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो कम उम्र में बड़े सपने देखते हैं। उन्होंने साबित किया कि सही दिशा, परिवार का समर्थन और सीखने की इच्छा हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।