आगर मालवा में बुजुर्ग मां को कमरे में बंद रखने का आरोप, पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने छुड़ाया; तीसरे बेटे के साथ भेजा गया

आगर मालवा में बुजुर्ग मां को कमरे में बंद रखने का आरोप, पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने छुड़ाया; तीसरे बेटे के साथ भेजा गया

 जिले के सुसनेर नगर में एक बुजुर्ग महिला को कथित तौर पर करीब दो महीने तक कमरे में बंद रखने का मामला सामने आया है। घटना वार्ड क्रमांक-5 के कल्याण जीन क्षेत्र की बताई जा रही है। पड़ोसियों की सूचना के बाद नगर परिषद के जनप्रतिनिधि और पुलिस मौके पर पहुंचे, जिसके बाद बुजुर्ग महिला को कमरे से बाहर निकाला गया।

पुलिस की मौजूदगी में महिला को थाने लाया गया, जहां परिवार के सदस्यों से बातचीत के बाद उसे उसके तीसरे बेटे के साथ भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों की बात सुनी है और आगे की कार्रवाई को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।

पड़ोसियों ने दी मामले की जानकारी

जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों को पिछले कुछ समय से बुजुर्ग महिला कौशल्या बाई के कमरे में रहने को लेकर संदेह था। शुक्रवार सुबह पड़ोसियों ने इस मामले की जानकारी नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी और पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा को दी।

सूचना मिलने के बाद दोनों जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों से कमरे की चाबी मांगी। आरोप है कि परिजनों ने शुरुआत में चाबी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने खुलवाया कमरे का ताला

मामले की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से बातचीत के बाद कमरे की चाबी ली और ताला खुलवाया। कमरे के अंदर मौजूद बुजुर्ग महिला कौशल्या बाई को बाहर निकाला गया।

इसके बाद पुलिस महिला को थाने लेकर गई, जहां परिवार के अन्य सदस्यों को भी बुलाया गया। थाने में दोनों पक्षों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली गई।

बुजुर्ग महिला की मानसिक स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे

मामले में परिवार के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों के दावों में अंतर सामने आया है। परिजनों का कहना है कि बुजुर्ग महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और वह कई बार बिना बताए घर से बाहर चली जाती थीं। इसी वजह से उन्हें कमरे में रखा गया था।

वहीं, पार्षद प्रतिनिधि पवन शर्मा ने दावा किया कि महिला मानसिक रूप से ठीक थीं। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग महिला अपना नाम और परिवार के सदस्यों की पहचान भी बता रही थीं।

दो महीने से कमरे में रहने की बात

नगर परिषद अध्यक्ष प्रदीप सोनी के मुताबिक, पड़ोसियों ने बताया कि बुजुर्ग महिला करीब दो महीने से उसी कमरे में रह रही थीं। हालांकि, परिवार की ओर से उनके खाने-पीने की व्यवस्था किए जाने की बात भी सामने आई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें इस स्थिति की जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद उन्होंने जनप्रतिनिधियों को मामले से अवगत कराया।

तीसरे बेटे के साथ भेजा गया

थाने में हुई बातचीत के बाद दोनों पक्षों की सहमति से बुजुर्ग महिला कौशल्या बाई को उनके तीसरे बेटे गणेश के साथ भेज दिया गया। पुलिस ने फिलहाल मामले को पारिवारिक विवाद के रूप में देखते हुए दोनों पक्षों की बात दर्ज की है।

अधिकारियों के अनुसार, आगे की कार्रवाई तथ्यों और जांच के आधार पर की जाएगी। घटना सामने आने के बाद इलाके में बुजुर्गों की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।