इंस्टाग्राम की दोस्ती बनी मुसीबत, नाबालिग के निजी वीडियो वायरल करने वाला आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
वीडियो कॉल के दौरान रिकॉर्ड किए थे फोटो-वीडियो, पुलिस ने जांच के बाद राजस्थान से दबोचा
गुना जिले में सोशल मीडिया पर दोस्ती के बाद नाबालिग के निजी फोटो और वीडियो वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंची। पुलिस टीम ने आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने नाबालिग से वीडियो कॉल के दौरान उसके फोटो और वीडियो रिकॉर्ड किए थे। बाद में इन्हें वायरल किए जाने का आरोप है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई बातचीत
पुलिस के अनुसार मामले की शुरुआत इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती से हुई थी। बातचीत आगे बढ़ने के बाद आरोपी और नाबालिग के बीच वीडियो कॉल पर भी बात होने लगी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए फोटो और वीडियो सुरक्षित कर लिए। बाद में इन्हीं सामग्री के वायरल होने की जानकारी सामने आने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।
वीडियो सामने आने के बाद परिवार ने की शिकायत
निजी फोटो-वीडियो के वायरल होने की जानकारी मिलने के बाद नाबालिग के परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस ने सोशल मीडिया गतिविधियों, डिजिटल साक्ष्यों और आरोपी से जुड़े तकनीकी इनपुट के आधार पर उसकी पहचान करने की कोशिश की।
डिजिटल जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस
ऐसे मामलों में आरोपी की पहचान करना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि सोशल मीडिया अकाउंट और मोबाइल नंबर बदलने जैसी कोशिशें की जा सकती हैं। गुना पुलिस ने भी तकनीकी जानकारी जुटाकर मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को आरोपी के राजस्थान में होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने वहां पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
राजस्थान से गिरफ्तारी
पुलिस ने आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद अब मामले में उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो किस तरह रिकॉर्ड किए गए, उन्हें किस माध्यम से वायरल किया गया और इस पूरी घटना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
नाबालिग से जुड़े मामलों में पुलिस की सख्ती
नाबालिग से जुड़े निजी फोटो या वीडियो को बिना अनुमति रिकॉर्ड करना, साझा करना या वायरल करना गंभीर मामला है। सोशल मीडिया पर किसी की निजी सामग्री को आगे भेजने से उसका प्रसार तेजी से हो सकता है और पीड़ित को लंबे समय तक मानसिक और सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश करती है।
सोशल मीडिया दोस्ती में सावधानी जरूरी
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत करते समय सावधानी बरतने की जरूरत बताता है। वीडियो कॉल या निजी बातचीत के दौरान साझा की गई सामग्री को सामने वाला व्यक्ति रिकॉर्ड कर सकता है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के साथ निजी फोटो, वीडियो या संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है।
पुलिस आगे भी कर सकती है कार्रवाई
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि कथित तौर पर वायरल की गई सामग्री कहां-कहां साझा हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
news desk MPcg