पटना में SIR के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी

पटना में SIR के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी

पटना में SIR के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, बैरिकेडिंग तोड़ी

पटना: बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार, 13 अक्टूबर को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्र गांधी मैदान से लोकभवन मार्च के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढ़ने लगे। पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।

जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े छात्र

प्रदर्शन में शामिल छात्र गांधी मैदान से मार्च निकालते हुए जेपी गोलंबर पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए। इसके बाद पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर भी बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की।

लाइव अपडेट के मुताबिक, कुछ छात्र बैरिकेडिंग को हटाकर अपने साथ ले जाते भी दिखाई दिए। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया था।

पुलिस की गाड़ी की चाबी लेकर भागा छात्र

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में लिया। इन छात्रों को ले जाने के लिए पुलिस की गाड़ी बुलाई गई थी। इसी बीच एक छात्र गाड़ी की चाबी लेकर भाग गया। इसके बाद पुलिस को छात्रों को ले जाने के लिए दूसरी बस बुलानी पड़ी।

प्रदर्शन के दौरान छात्राओं को हिरासत में लेने को लेकर भी हंगामे की स्थिति बनी। खबर के मुताबिक, पुलिस कुछ छात्राओं को पकड़कर ले जाती दिखाई दी। हिरासत में लिए गए एक छात्र ने कहा कि वे डरने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।

पोस्टर लेकर पहुंचे छात्र, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन में शामिल छात्र अपने साथ कई तरह के पोस्टर लेकर पहुंचे थे। पोस्टरों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारे और तंज लिखे हुए थे। एक पोस्टर पर लिखा था, ‘समोसा जाएगा तेल में, ज्ञानू को भेजो जेल में।’ वहीं, एक अन्य पोस्टर पर लिखा था, ‘तोहर कुर्सी उड़ा देब प्रोटेस्ट से।’

कुछ पोस्टरों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए। छात्र केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे।

डाकबंगला चौराहे पर डटे रहे प्रदर्शनकारी

पुलिस ने डाकबंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाकर छात्रों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे और नारेबाजी करते रहे। पुलिस लगातार छात्रों को नियंत्रित करने और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई करती रही।

प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा SIR प्रक्रिया का विरोध और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों की कुल संख्या और पुलिस की आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।