MP-राजस्थान से UP-हिमाचल तक बारिश का कहर, कई शहर पानी में; गंगा-यमुना उफान पर, पहाड़ों में सड़कें बंद

MP-राजस्थान से UP-हिमाचल तक बारिश का कहर, कई शहर पानी में; गंगा-यमुना उफान पर, पहाड़ों में सड़कें बंद

आज देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का असर, निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा

देश के कई हिस्सों में सोमवार यानी 10 अगस्त को मानसून का असर तेज बना हुआ है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई शहरों में सड़कें जलमग्न हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग ने आज मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

MP में भोपाल समेत कई इलाकों में तेज बारिश

मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है और पश्चिमी व पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। IMD के अनुसार 10 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। इसके चलते निचले इलाकों में पानी भरने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने का खतरा है।

भोपाल, रायसेन, उज्जैन, देवास समेत कई इलाकों में बारिश का असर देखने को मिल रहा है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और लोगों को जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

राजस्थान में कई इलाकों में जलभराव

राजस्थान में भी बारिश ने कई इलाकों में मुश्किलें बढ़ाई हैं। भारी बारिश के कारण कुछ शहरों में सड़कें पानी में डूबी हैं और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। पूर्वी राजस्थान में 10 अगस्त के बाद भी बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। IMD ने 12 और 13 अगस्त को पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ कुछ जगह बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई है।

UP में गंगा का जलस्तर बढ़ा

उत्तर प्रदेश में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। IMD ने 10 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा बना हुआ है।

गंगा-यमुना समेत प्रमुख नदियों के किनारे बसे इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। जहां नदी का पानी आबादी या सड़कों की तरफ बढ़ रहा है, वहां लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

हिमाचल में बारिश से सड़क संपर्क प्रभावित

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का असर सबसे ज्यादा सड़क नेटवर्क पर दिखाई दे रहा है। आज की उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 118 सड़कें बंद थीं। इनमें मंडी की 44, कुल्लू की 39, शिमला की 13, चंबा की 7, सिरमौर की 6, कांगड़ा की 5, ऊना की 3 और सोलन की 1 सड़क शामिल थी। इसके अलावा 18 जलापूर्ति परियोजनाएं भी प्रभावित बताई गई हैं।

आज कांगड़ा-सिरमौर में भारी बारिश का खतरा

IMD ने 10 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के मध्य पहाड़ी क्षेत्रों और उनसे जुड़े निचले पहाड़ी व मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। आज कांगड़ा और सिरमौर में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा है। 11 अगस्त को कांगड़ा और मंडी में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। राज्य में बारिश का दौर 15 अगस्त तक बने रहने का अनुमान है।

पहाड़ों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा

लगातार बारिश के कारण हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान नदी-नालों के आसपास जाने और कमजोर ढलानों के पास रुकने से बचने की सलाह दी गई है। IMD ने हिमाचल में 10 और 11 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी बारिश तेज

मध्य भारत के साथ छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी मानसून सक्रिय है। IMD ने 10 अगस्त को छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11-12 अगस्त को बहुत भारी बारिश का एक और दौर आने की संभावना है, जबकि छत्तीसगढ़ में 10 से 14 अगस्त तक भारी बारिश का दौर बना रह सकता है।

ओडिशा-झारखंड में भी बारिश का असर

पूर्वी भारत में झारखंड और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी है। IMD के अनुसार झारखंड में 9-10 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में भी 12 से 15 अगस्त के दौरान कई जगह भारी बारिश हो सकती है। दोनों राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।

बंगाल और पूर्वोत्तर में भी मानसून सक्रिय

पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। असम और मेघालय में 10-11 अगस्त को बारिश की संभावना है। आगे 13 से 15 अगस्त के बीच असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

दक्षिण और पश्चिम भारत भी बारिश से अछूते नहीं

देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में भी मानसून सक्रिय है। गोवा में 9 से 15 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में व्यापक बारिश का दौर बना रहने की संभावना है।

दिल्ली में भी बारिश की संभावना

राजधानी दिल्ली में भी सोमवार को बादल छाए रहने और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। IMD ने दिल्ली के लिए 10 और 11 अगस्त को बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में दिल्ली-NCR में ट्रैफिक और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

10 अगस्त को देशभर में सक्रिय रहेगा मानसून

IMD के ताजा ऑल इंडिया बुलेटिन के अनुसार 10 अगस्त को देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक बारिश, पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश तथा मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। ऐसे में अगले 24 घंटे में नदी-नालों के जलस्तर, निचले इलाकों के जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।