स्लोवेनिया में भारतीय दूतावास को नुकसान, भारत ने जताई कड़ी नाराजगी
विदेश मंत्रालय ने घटना की निंदा की, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के लिए स्लोवेनियाई अधिकारियों से कहा
नई दिल्ली। स्लोवेनिया की राजधानी ल्युब्लियाना में भारतीय दूतावास परिसर को नुकसान पहुंचाए जाने के मामले में भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 को घटना की निंदा करते हुए इसे बेहद गंभीर और निंदनीय बताया। मंत्रालय ने स्लोवेनिया के अधिकारियों से घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
विदेश मंत्रालय ने कहा कि ल्युब्लियाना स्थित भारतीय दूतावास परिसर को भारत विरोधी तत्वों ने नुकसान पहुंचाया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है और भारत ने मामले को स्लोवेनियाई अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाया है।
भारत ने यह मामला नई दिल्ली और ल्युब्लियाना दोनों स्तरों पर स्लोवेनिया के अधिकारियों के सामने उठाया है। विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि घटना के पीछे मौजूद लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जवाबदेह बनाया जाएगा।
वियना कन्वेंशन का दिया हवाला
भारत ने अपने बयान में वियना कन्वेंशन का भी उल्लेख किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत राजनयिक परिसर अछूते माने जाते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना मेजबान देश की जिम्मेदारी है। किसी दूतावास की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना राजनयिक नियमों के खिलाफ माना जाता है।
स्लोवेनिया से कार्रवाई की मांग
भारत ने स्लोवेनियाई प्रशासन से इस घटना की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। विदेश मंत्रालय ने घटना को निंदनीय कृत्य बताते हुए राजनयिक मिशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
भारत और स्लोवेनिया के बीच लंबे समय से राजनयिक संबंध हैं। भारत ने स्लोवेनिया को 1992 में मान्यता दी थी और ल्युब्लियाना में अपना स्थायी मिशन 2007 में खोला था। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग भी है।
खालिस्तान समर्थकों वाला दावा
आपके दिए स्रोत की हेडलाइन में घटना को खालिस्तान समर्थकों से जोड़ा गया है, लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्टों में विदेश मंत्रालय ने जिम्मेदार लोगों को केवल “भारत विरोधी तत्व” कहा है। मंत्रालय के बयान में खालिस्तान समर्थकों या किसी विशेष संगठन का नाम नहीं लिया गया है। इसलिए खबर में इसे सीधे खालिस्तान समर्थकों का हमला बताने के बजाय मंत्रालय के आधिकारिक शब्दों का इस्तेमाल करना ज्यादा सही होगा।
news desk MPcg