इछावर में बनेगा सोयाबीन रिसर्च सेंटर, भोपाल-विदिशा सड़क का होगा विस्तार; कई बड़े फैसलों पर लगी मुहर
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित मंत्रालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 11 अगस्त 2026 को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में प्रदेश के विकास, सड़क कनेक्टिविटी, कृषि अनुसंधान, महिला सम्मान और औद्योगिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कैबिनेट के प्रमुख फैसलों की जानकारी दी।
इछावर में बनेगा नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट का केंद्र
कैबिनेट ने सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र के भावखेड़ी में सोयाबीन रिसर्च यूनिट स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इसके लिए करीब 20 हेक्टेयर सरकारी जमीन नि:शुल्क स्थायी पट्टे पर आवंटित की जाएगी।
इस रिसर्च सेंटर में सोयाबीन की फसल को प्रभावित करने वाली बीमारियों और दूसरी कृषि समस्याओं पर अध्ययन किया जाएगा। रिसर्च के जरिए किसानों को फसल में होने वाली बीमारियों की पहचान, उनके कारण और रोकथाम के उपायों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
सोयाबीन मध्यप्रदेश की प्रमुख खरीफ फसलों में शामिल है। ऐसे में प्रदेश में ही रिसर्च सुविधा विकसित होने से किसानों को नई तकनीक, बेहतर कृषि पद्धतियों और फसल सुरक्षा से जुड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है।
रिसर्च सेंटर से जुड़े कार्यों के शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण, तकनीकी सेवाओं और अन्य गतिविधियों से रोजगार के अवसर भी पैदा होने की संभावना है।
भोपाल-विदिशा मार्ग को सिक्स लेन करने की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग के उन्नयन से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वर्तमान दो लेन मार्ग को चरणबद्ध तरीके से सिक्स लेन में विकसित करने की योजना है।
इस परियोजना की कुल लागत करीब 1,757 करोड़ रुपए बताई गई है। इसमें पहले स्वीकृत राशि और भूमि से जुड़े खर्च को भी शामिल किया गया है। परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किया जाना है और इसके लिए करीब 17 साल की अवधि का प्रावधान बताया गया है।
भोपाल और विदिशा के बीच यह सड़क प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी मार्ग है। इस सड़क के चौड़ीकरण से दोनों शहरों के बीच यातायात को बेहतर बनाने के साथ आसपास के क्षेत्रों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
सड़क के विस्तार से भारी वाहनों और सामान्य यातायात के दबाव को कम करने, यात्रा को अधिक सुगम बनाने और औद्योगिक तथा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
देवास पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए आयोग
कैबिनेट ने औद्योगिक और अन्य गंभीर हादसों को रोकने के लिए एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के गठन का भी फैसला लिया है।
मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के अनुसार, देवास पटाखा फैक्टरी जैसे हादसों की जांच के लिए आयोग गठित किया जाएगा। आयोग में एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को शामिल किया जाएगा।
आयोग इस तरह की घटनाओं के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जरूरी उपायों की जांच करेगा।
सरकार का उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों और ऐसे स्थानों पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करना है, जहां लापरवाही या नियमों के उल्लंघन से बड़े हादसे का खतरा रहता है।
रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि दोगुनी
कैबिनेट ने महिलाओं के सम्मान से जुड़ा बड़ा फैसला लेते हुए रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाने को मंजूरी दी है।
अब इस पुरस्कार के तहत मिलने वाली राशि 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए कर दी गई है। यह पुरस्कार विपरीत परिस्थितियों में साहस और संघर्ष के साथ काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से दिया जाएगा।
सरकार का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में उल्लेखनीय काम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना और उनके योगदान को सम्मान देना इस पहल का उद्देश्य है।
वन प्रबंधन समितियों के लाभांश पर भी चर्चा
कैबिनेट बैठक में वन प्रबंधन समितियों के अंतर्गत काम करने वाले श्रमिकों को मिलने वाले लाभांश को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि लाभांश का लाभ मध्यप्रदेश के मूल निवासी श्रमिकों को दिया जाए। हालांकि, इस विषय पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और आगे की प्रक्रिया के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
विकास और सुरक्षा पर सरकार का फोकस
11 अगस्त की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में एक तरफ प्रदेश की सड़क और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया, तो दूसरी तरफ औद्योगिक सुरक्षा और महिलाओं के सम्मान से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता दी गई।
इछावर में सोयाबीन रिसर्च सेंटर, भोपाल-विदिशा सड़क का सिक्स लेन विस्तार, औद्योगिक हादसों की जांच के लिए न्यायिक आयोग और रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि में बढ़ोतरी जैसे फैसले प्रदेश की कृषि, बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
news desk MPcg