10 किमी दूर स्कूल शिफ्ट करने पर छात्रों का फूटा गुस्सा, सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन

10 किमी दूर स्कूल शिफ्ट करने पर छात्रों का फूटा गुस्सा, सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन

जबलपुर-दमोह-भोपाल मार्ग पर लगाया जाम; छात्रों का आरोप- विरोध करने पर फेल करने और TC देने की धमकी

मध्यप्रदेश में सांदीपनी स्कूल को करीब 10 किलोमीटर दूर शिफ्ट किए जाने के विरोध में छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। स्कूल शिफ्टिंग के फैसले से नाराज छात्र सड़क पर उतर आए और जबलपुर-दमोह-भोपाल मार्ग पर बैठकर रास्ता जाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

छात्रों का कहना है कि स्कूल को इतनी दूर शिफ्ट किए जाने से उन्हें रोजाना आने-जाने में परेशानी होगी। खासकर दूर-दराज के इलाकों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए नए स्थान तक पहुंचना अतिरिक्त समय और खर्च वाला होगा। इसी वजह से छात्र स्कूल को वर्तमान स्थान से हटाने के फैसले का विरोध कर रहे हैं।

10 किलोमीटर दूर शिफ्टिंग का विरोध

प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुताबिक स्कूल को मौजूदा जगह से करीब 10 किलोमीटर दूर ले जाने की तैयारी है। छात्रों का कहना है कि उन्हें स्कूल शिफ्ट किए जाने के फैसले के बारे में परेशानी और आपत्तियों के बावजूद राहत नहीं मिली।

छात्रों ने मांग की कि स्कूल शिफ्ट करने से पहले विद्यार्थियों और अभिभावकों की समस्याओं को सुना जाए। उनका कहना है कि अचानक स्कूल दूर होने से उनकी पढ़ाई के साथ-साथ रोजाना की आवाजाही भी प्रभावित होगी।

सड़क पर बैठ गए छात्र, मार्ग हुआ जाम

स्कूल शिफ्टिंग के विरोध में छात्र सड़क पर उतर आए। उन्होंने जबलपुर-दमोह-भोपाल मार्ग पर बैठकर प्रदर्शन किया, जिसके चलते सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर सड़क से हटने और यातायात सामान्य करने की कोशिश की।

फेल करने और TC देने की धमकी का आरोप

प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप भी लगाए। छात्रों का दावा है कि स्कूल शिफ्टिंग का विरोध करने पर उन्हें फेल करने और ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी TC देने की धमकी दी गई।

हालांकि, ये आरोप फिलहाल छात्रों की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों पर स्कूल प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

छात्र बोले- हमारी परेशानी भी सुनी जाए

छात्रों का कहना है कि वे स्कूल शिफ्टिंग के खिलाफ इसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि नए स्थान की दूरी उनके लिए बड़ी समस्या बनेगी। उनका कहना है कि स्कूल सिर्फ भवन बदलने का मामला नहीं है, बल्कि इससे विद्यार्थियों की रोजाना की दिनचर्या, परिवहन और पढ़ाई प्रभावित होगी।

छात्रों ने मांग की कि स्कूल प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी उनके साथ बैठक करें और शिफ्टिंग को लेकर कोई ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे विद्यार्थियों को परेशानी न हो।

प्रदर्शन के बाद प्रशासन के सामने चुनौती

स्कूल शिफ्टिंग को लेकर छात्रों के विरोध ने प्रशासन के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ स्कूल को नए स्थान पर संचालित करने की योजना है, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थी इसका विरोध कर रहे हैं।

अब प्रशासन के सामने छात्रों की आपत्तियों को सुनने और स्कूल संचालन को लेकर समाधान निकालने की जिम्मेदारी है। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों और स्कूल शिफ्टिंग के फैसले को लेकर स्थिति पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक वे स्कूल शिफ्टिंग के फैसले का विरोध जारी रखेंगे।