इंदौर के सार्वजनिक बगीचे में जैन संत का अंतिम संस्कार, अनुमति से इनकार के बावजूद हुई अंत्येष्टि; रहवासियों ने जताया विरोध
इंदौर, 12 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश के इंदौर में सार्वजनिक बगीचे में जैन संत के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र के केसर बाग रोड स्थित आचार्य श्री विद्यासागर उद्यान का है, जहां बुधवार सुबह करीब 80 वर्षीय जैन संत के अंतिम संस्कार की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय रहवासी मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया।
जानकारी के मुताबिक, जैन संत श्री सुलभथी सागर जी महाराज वर्षा योग यानी चातुर्मास के लिए क्षेत्र में ठहरे हुए थे। इसी दौरान उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके अनुयायियों की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारी की गई।
रात में पुलिस से मांगी गई थी अनुमति
मामले में पुलिस का कहना है कि मंगलवार रात जैन समाज से जुड़े कुछ लोग उद्यान में अंतिम संस्कार करने की अनुमति लेने के लिए अन्नपूर्णा थाने पहुंचे थे।
पुलिस के मुताबिक, सार्वजनिक उद्यान में अंतिम संस्कार की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। इसके बावजूद बुधवार सुबह उद्यान परिसर में ही संत की अंत्येष्टि कराए जाने की जानकारी सामने आई।
यही बात विवाद की मुख्य वजह बनी और सुबह स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई।
सुबह करीब 6 बजे अंतिम संस्कार का दावा
रहवासियों की ओर से नगर निगम के उद्यान अधिकारी को दी गई शिकायत में दावा किया गया है कि नगर निगम के विकसित आचार्य श्री विद्या सागर उद्यान में सुबह करीब 6 बजे बिना पूर्व सूचना के अंतिम संस्कार किया गया।
रहवासियों को इसकी जानकारी करीब सुबह 7 बजे मिली। इसके बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी और मामले को लेकर आपत्ति जताई।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उद्यान जोन क्रमांक 15 और वार्ड क्रमांक 72 के अंतर्गत आता है।
चातुर्मास के लिए क्षेत्र में ठहरे थे संत
जानकारी के अनुसार, 80 वर्षीय जैन संत वर्षा योग यानी चातुर्मास के लिए क्षेत्र में रुके हुए थे। चातुर्मास जैन परंपरा में महत्वपूर्ण धार्मिक अवधि मानी जाती है। इसी दौरान संत का निधन हो गया।
निधन के बाद दिगंबर जैन समाज से जुड़े लोगों की ओर से अंतिम संस्कार की व्यवस्था की गई। लेकिन सार्वजनिक बगीचे में अंत्येष्टि किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए।
रहवासियों ने नगर निगम में की शिकायत
मामला सामने आने के बाद स्थानीय रहवासियों ने नगर निगम के उद्यान अधिकारी को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
रहवासियों का कहना है कि उद्यान नगर निगम का सार्वजनिक स्थल है और वहां अंतिम संस्कार किए जाने से पहले संबंधित प्रशासनिक अनुमति और नियमों का पालन किया जाना चाहिए था।
विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस
बगीचे में अंतिम संस्कार की जानकारी इलाके में फैलने के बाद बड़ी संख्या में रहवासी मौके पर पहुंच गए। लोगों ने इसको लेकर विरोध जताया।
मामले की सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस और नगर निगम की ओर से पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस और नगर निगम की जांच जारी
फिलहाल इस मामले में पुलिस और नगर निगम की जांच जारी है। जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि सार्वजनिक उद्यान में अंतिम संस्कार किस परिस्थिति में कराया गया और इसके लिए किसी स्तर पर अनुमति ली गई थी या नहीं।
वहीं, स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद नगर निगम की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और उपलब्ध जानकारी के आधार पर होने की संभावना है।
धार्मिक आस्था और सार्वजनिक स्थल के नियमों के बीच विवाद
यह मामला एक तरफ धार्मिक आस्था से जुड़ा है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक स्थल के इस्तेमाल और प्रशासनिक नियमों से भी संबंधित है। जैन समाज की ओर से संत के अंतिम संस्कार की धार्मिक परंपरा निभाई गई, लेकिन स्थानीय रहवासियों ने सार्वजनिक उद्यान में अंत्येष्टि किए जाने पर आपत्ति जताई है।
अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच से यह स्पष्ट होगा कि उद्यान में अंतिम संस्कार की अनुमति थी या नहीं और यदि अनुमति नहीं थी तो आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
मामले की बड़ी बातें
मामला इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र का है।
अंतिम संस्कार केसर बाग रोड स्थित आचार्य श्री विद्यासागर उद्यान में हुआ।
मृत जैन संत की उम्र करीब 80 वर्ष बताई गई है।
संत चातुर्मास के लिए क्षेत्र में ठहरे हुए थे।
पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात अनुमति लेने के लिए लोग थाने पहुंचे थे।
पुलिस का दावा है कि सार्वजनिक उद्यान में अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं दी गई थी।
इसके बावजूद बुधवार सुबह उद्यान में अंतिम संस्कार किए जाने की जानकारी सामने आई।
रहवासियों को इसकी जानकारी सुबह करीब 7 बजे मिली।
रहवासियों ने नगर निगम के उद्यान अधिकारी को लिखित शिकायत दी।
विरोध की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
फिलहाल पुलिस और नगर निगम मामले की जांच कर रहे हैं।
news desk MPcg