रतलाम के जावरा में गोवंश के कंकाल मिलने पर बवाल, हिंदू संगठनों का प्रदर्शन; CMO चैंबर में रखा गाय का कंकाल

रतलाम के जावरा में गोवंश के कंकाल मिलने पर बवाल, हिंदू संगठनों का प्रदर्शन; CMO चैंबर में रखा गाय का कंकाल

रतलाम, 12 अगस्त 2026। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा में गोवंश के कंकालों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि ट्रेंचिंग ग्राउंड से मृत गायों के कंकाल निकालकर उन्हें बेचा जा रहा था। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों में नाराजगी देखने को मिली और कार्यकर्ताओं ने जावरा नगरपालिका पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान मामला उस समय और चर्चा में आ गया, जब प्रदर्शनकारियों ने गाय का एक कंकाल नगरपालिका के सीएमओ चंद्रशेखर सोनी के चैंबर में रख दिया। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

ट्रेंचिंग ग्राउंड से कंकाल निकालने का आरोप

हिंदू संगठनों की ओर से आरोप लगाया गया कि जावरा के ट्रेंचिंग ग्राउंड में मृत गोवंश को दफनाने के बाद उनके कंकालों को वहां से निकाला जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन कंकालों को कथित तौर पर बाहर ले जाकर बेचने का काम किया जा रहा था। इसी आरोप को लेकर संगठनों ने नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

नगरपालिका में पहुंचकर किया विरोध

मामले की जानकारी सामने आने के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता जावरा नगरपालिका कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि ट्रेंचिंग ग्राउंड से मृत गोवंश के अवशेष निकालकर उन्हें बेचा जा रहा है, तो यह गंभीर मामला है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

CMO के चैंबर में रखा गाय का कंकाल

विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक गाय का कंकाल नगरपालिका के सीएमओ चंद्रशेखर सोनी के चैंबर में रख दिया।

इस घटना के बाद नगरपालिका परिसर में स्थिति काफी गंभीर हो गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की तह तक जाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

उच्चस्तरीय जांच की मांग

हिंदू संगठनों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि ट्रेंचिंग ग्राउंड से गोवंश के अवशेष कैसे बाहर निकले और यदि उन्हें कहीं ले जाया गया तो इसके पीछे कौन लोग शामिल थे।

साथ ही उन्होंने पूरे मामले में जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

अधिकारियों ने जांच का दिया भरोसा

प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि सामने आए आरोपों की जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल मामले में जांच का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ट्रेंचिंग ग्राउंड से कंकाल निकाले जाने और उन्हें बेचे जाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

जावरा में सामने आए इस मामले ने नगरपालिका की व्यवस्था और मृत गोवंश के निपटान की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।

अब जांच में ट्रेंचिंग ग्राउंड की व्यवस्था, वहां मौजूद रिकॉर्ड और गोवंश के अवशेषों से जुड़े आरोपों की पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

मामले की बड़ी बातें
मामला रतलाम जिले के जावरा का है।
हिंदू संगठनों ने जावरा नगरपालिका में प्रदर्शन किया।
ट्रेंचिंग ग्राउंड से मृत गायों के कंकाल निकालने का आरोप लगाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कंकालों को कथित तौर पर बेचने का भी आरोप लगाया।
एक गाय का कंकाल नगरपालिका के CMO चंद्रशेखर सोनी के चैंबर में रखा गया।
प्रदर्शनकारियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
प्रशासन की ओर से मामले की जांच का आश्वासन दिया गया।
आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।