कासगंज में जमीन की पैमाइश के दौरान विवाद, धक्का-मुक्की में 70 वर्षीय महिला की मौत; थाने पर ग्रामीणों का हंगामा

कासगंज में जमीन की पैमाइश के दौरान विवाद, धक्का-मुक्की में 70 वर्षीय महिला की मौत; थाने पर ग्रामीणों का हंगामा

कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में जमीन की पैमाइश के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि धक्का-मुक्की में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। मामला अमांपुर थाना क्षेत्र के जारई गांव का है। यहां न्यायालय के आदेश पर जमीन की पैमाइश कराने पहुंची टीम के सामने दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इसी दौरान 70 वर्षीय हरिप्यारी पत्नी राम सिंह जमीन पर गिर गईं। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया।

कोर्ट के आदेश पर हो रही थी जमीन की पैमाइश

जानकारी के अनुसार, जारई गांव में करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। बताया जा रहा है कि यह मामला वर्ष 2016 से न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार शाम करीब पांच बजे जमीन की पैमाइश की प्रक्रिया कराई जा रही थी।

पैमाइश के दौरान दोनों पक्षों के लोग मौके पर मौजूद थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों ओर से धक्का-मुक्की होने लगी।

धक्का-मुक्की के दौरान जमीन पर गिरीं हरिप्यारी

विवाद के दौरान 70 वर्षीय हरिप्यारी भी मौके पर मौजूद थीं। धक्का-मुक्की के बीच वह अचानक जमीन पर गिर गईं। बताया गया कि इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

महिला की मौत की खबर फैलते ही मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। परिवार के लोगों और ग्रामीणों ने घटना को लेकर दूसरे पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और मामले में कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।

हालांकि, महिला की मौत की वास्तविक वजह और घटना में किसकी भूमिका रही, यह पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

2016 से चल रहा है जमीन का विवाद

बताया जा रहा है कि जारई निवासी प्रेमपाल, पप्पू और महेश पुत्र राम सिंह तथा फफौता निवासी अजंट सिंह पुत्र जमादार के बीच करीब डेढ़ बीघा जमीन को लेकर विवाद है। यह विवाद वर्ष 2016 से न्यायालय में चल रहा है।

इसी मामले में न्यायालय के आदेश के बाद जमीन की पैमाइश की कार्रवाई की जा रही थी। लेकिन पैमाइश के दौरान दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद ने गंभीर रूप ले लिया।

महिला की मौत के बाद थाने पहुंचे ग्रामीण

हरिप्यारी की मौत के बाद उनके स्वजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण अमांपुर थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने देर रात तक थाने पर हंगामा किया और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने दूसरे पक्ष के लोगों के साथ-साथ पैमाइश के दौरान मौजूद जिम्मेदार पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग उठाई। उनका आरोप है कि यदि मौके पर पर्याप्त सतर्कता बरती जाती तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता था।

गांव में पुलिस बल तैनात

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। किसी तरह की स्थिति दोबारा न बिगड़े, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को समझाने और मामले में नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

पुलिस अब घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही विवाद की पूरी पृष्ठभूमि और जमीन की पैमाइश से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की वजह

बुजुर्ग महिला की मौत के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने में मदद मिलेगी कि महिला की मौत किस वजह से हुई। पुलिस घटना के दौरान हुई धक्का-मुक्की और महिला के गिरने की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जमीन विवाद में बढ़ा तनाव

यह घटना एक बार फिर लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवादों के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई के समय सावधानी और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत को सामने लाती है। जारई गांव में वर्ष 2016 से चल रहे जमीन विवाद में न्यायालय के आदेश के बाद पैमाइश की कार्रवाई तो शुरू हुई, लेकिन मौके पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। महिला की मौत के बाद गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।