एंबुलेंस नहीं मिली तो बेटी का शव गोद में लेकर निकला पिता, सड़क पर मदद के लिए आगे आए राहगीर
ग्वालियर में इलाज के बाद बच्ची की मौत, शव घर ले जाने के लिए नहीं मिली एंबुलेंस; मजबूर पिता को बेटी का शव गोद में लेकर जाते देख लोगों ने जुटाए पैसे
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है। अस्पताल में बेटी की मौत के बाद पिता के सामने सबसे बड़ी मुश्किल उसका शव घर ले जाने की खड़ी हो गई। आरोप है कि काफी कोशिश के बावजूद एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। मजबूर पिता अपनी बेटी का शव गोद में लेकर सड़क पर निकल पड़ा।
पिता को इस हालत में देखकर राहगीरों का दिल पसीज गया। लोगों ने आगे बढ़कर उनकी मदद की और आपस में पैसे इकट्ठा किए। इसके बाद ऑटो की व्यवस्था कर बच्ची के शव को उसके घर तक पहुंचाया गया।
बेटी की मौत के बाद सामने आई दूसरी परेशानी
जानकारी के मुताबिक, बच्ची की तबीयत खराब होने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी को खोने का गम झेल रहे पिता के सामने इसके बाद शव को घर ले जाने की चुनौती खड़ी हो गई।
परिजनों ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल सकी। हालात ऐसे बने कि पिता अपनी मृत बेटी के शव को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर निकल आया।
पिता को बेटी का शव गोद में लेकर जाता देख रुके लोग
सड़क पर पिता को गोद में बच्ची का शव लेकर जाते देखकर राहगीरों ने स्थिति को समझने की कोशिश की। पिता की मजबूरी देखकर कई लोग उनके पास पहुंचे। लोगों ने उनसे पूरी जानकारी ली और मदद के लिए आगे आए।
राहगीरों ने आपस में पैसे जुटाए और ऑटो की व्यवस्था की। इसके बाद बच्ची के शव को ऑटो के जरिए घर पहुंचाया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए अपनी तरफ से सहयोग किया।
मदद के लिए आगे आए राहगीर
घटना के दौरान राहगीरों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता चर्चा में है। जिस समय परिवार सबसे कठिन दौर से गुजर रहा था, उस समय आसपास के लोगों ने मदद का हाथ बढ़ाया। किसी ने पैसे दिए तो किसी ने ऑटो की व्यवस्था कराने में सहयोग किया।
इस घटना ने एक तरफ जहां पिता की बेबसी को सामने रखा, वहीं दूसरी ओर राहगीरों की मानवीय संवेदना की तस्वीर भी दिखाई।
एंबुलेंस व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद अस्पतालों में जरूरतमंद परिवारों के लिए शव परिवहन की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। गरीब परिवारों के लिए किसी की मौत के बाद शव को घर तक ले जाना भी कई बार बड़ी चुनौती बन जाता है।
अगर समय पर शव वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध न हो तो परिजनों को ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। ग्वालियर की इस घटना ने एक बार फिर जरूरतमंद परिवारों के लिए तत्काल और सुलभ परिवहन व्यवस्था की आवश्यकता को सामने ला दिया है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी स्थिति
मामले में एंबुलेंस क्यों नहीं मिल सकी और परिवार ने किन परिस्थितियों में शव को अस्पताल से बाहर ले जाने का फैसला किया, इसकी पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद सामने आ सकती है।
फिलहाल इस घटना की तस्वीर ने लोगों को भावुक कर दिया है। एक पिता अपनी बेटी को खोने के बाद जिस पीड़ा से गुजर रहा था, उसमें राहगीरों द्वारा की गई छोटी-सी मदद परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई।
news desk MPcg