BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद: VVS लक्ष्मण को मिल सकती है जिम्मेदारी, टीम इंडिया से लेकर जूनियर क्रिकेट तक की होगी निगरानी

BCCI में पहली बार बनेगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद: VVS लक्ष्मण को मिल सकती है जिम्मेदारी, टीम इंडिया से लेकर जूनियर क्रिकेट तक की होगी निगरानी

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने क्रिकेट प्रशासन के ढांचे में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बोर्ड पहली बार Director of Cricket का पद बनाने पर विचार कर रहा है और मौजूदा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) प्रमुख VVS लक्ष्मण इस भूमिका के लिए सबसे प्रमुख नाम हैं। यह बदलाव भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग स्तरों—सीनियर टीम, चयन प्रक्रिया, एज-ग्रुप क्रिकेट और हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम—के बीच बेहतर तालमेल बनाने के उद्देश्य से किया जा सकता है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि लक्ष्मण की नियुक्ति को लेकर अभी उपलब्ध जानकारी रिपोर्ट्स और सूत्रों पर आधारित है। BCCI की ओर से इस नई नियुक्ति की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

लक्ष्मण को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, VVS लक्ष्मण को BCCI का Director of Cricket बनाए जाने की संभावना है। नई भूमिका में उनका दायरा मौजूदा CoE प्रमुख की जिम्मेदारी से काफी बड़ा होगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह पद भारतीय क्रिकेट के विभिन्न हिस्सों को एक रणनीतिक ढांचे में जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है।

Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत सीनियर टीम के कोचिंग सिस्टम, चयनकर्ताओं, CoE और खिलाड़ियों के विकास से जुड़े कार्यक्रमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर होगा। लक्ष्मण पिछले कुछ वर्षों से CoE में टैलेंट डेवलपमेंट और हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम से जुड़े रहे हैं, इसलिए इस भूमिका के लिए उनका अनुभव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जूनियर से सीनियर टीम तक एक सिस्टम बनाने की कोशिश

BCCI में फिलहाल भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग हिस्से अलग स्तर पर काम करते हैं। सीनियर पुरुष टीम के लिए अलग कोचिंग स्टाफ और चयन समिति है, जबकि जूनियर क्रिकेट, इंडिया ए और हाई-परफॉर्मेंस गतिविधियों का संचालन अलग व्यवस्थाओं के जरिए होता है।

Director of Cricket की भूमिका का उद्देश्य इन सभी स्तरों के बीच एक साझा योजना तैयार करना हो सकता है। इसका मतलब खिलाड़ियों की पहचान से लेकर उनके विकास और अंततः सीनियर टीम तक पहुंचने की प्रक्रिया को एक ही रणनीति के तहत देखना होगा।

इस व्यवस्था में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान, उनके लिए सही कोचिंग व्यवस्था, फिटनेस और workload management, चोट से वापसी तथा सपोर्ट स्टाफ के साथ तालमेल जैसे मुद्दे महत्वपूर्ण होंगे।

कोच गौतम गंभीर की भूमिका अलग रहेगी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई व्यवस्था का मतलब यह नहीं है कि गौतम गंभीर को भारतीय टीम के मुख्य कोच पद से हटाया जा रहा है। गंभीर की भूमिका टीम के मुख्य कोच के रूप में बनी रहने की संभावना है।

NDTV ने भी रिपोर्ट किया है कि गंभीर के 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बने रहने की बात पहले सामने आ चुकी है। ऐसे में Director of Cricket का पद बनने की स्थिति में लक्ष्मण और गंभीर की भूमिकाएं अलग-अलग होंगी।

गंभीर टीम की कोचिंग और मैदान से जुड़े क्रिकेटिंग फैसलों पर काम करेंगे, जबकि Director of Cricket की भूमिका व्यापक प्रशासनिक और रणनीतिक समन्वय से जुड़ सकती है।

अगरकर की भूमिका पर भी नजर

मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर भी इस संभावित बदलाव के बीच चर्चा में हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल सितंबर 2026 में समाप्त होने वाला है और उनकी भविष्य की भूमिका को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स सामने आई हैं।

हालांकि, Director of Cricket का पद बनना और मुख्य चयनकर्ता के कार्यकाल को लेकर फैसला दो अलग मुद्दे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि नई भूमिका सीधे चयन समिति की जगह लेगी।

अगरकर की मुख्य जिम्मेदारी भारतीय टीम के लिए खिलाड़ियों के चयन की है, जबकि प्रस्तावित Director of Cricket का दायरा इससे व्यापक बताया जा रहा है।

VVS लक्ष्मण का CoE में लंबा अनुभव

VVS लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित BCCI Centre of Excellence के प्रमुख हैं। CoE को भारतीय क्रिकेट के हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।

यहां खिलाड़ियों की फिटनेस, स्पोर्ट्स साइंस, ट्रेनिंग, चोट से वापसी और प्रतिभा विकास से जुड़ी व्यवस्थाएं हैं। लक्ष्मण पिछले कुछ वर्षों से इसी सिस्टम के साथ जुड़े हुए हैं।

हाल के महीनों में उन्हें राष्ट्रीय टीम के साथ भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिली हैं। जुलाई में जिम्बाब्वे दौरे और एशियाई खेलों के लिए लक्ष्मण को भारतीय टीम के साथ काम करने की जिम्मेदारी दी गई थी, क्योंकि सीनियर टीम के नियमित कोचिंग स्टाफ को कार्यक्रम के बीच ब्रेक मिला था।

गंभीर की जगह लेने की चर्चा भी हुई थी

इससे पहले VVS लक्ष्मण का नाम भारतीय टीम के मुख्य कोच पद से भी जोड़ा गया था। हालांकि जुलाई में जिम्बाब्वे दौरे के दौरान लक्ष्मण ने स्पष्ट किया था कि वह गौतम गंभीर की जगह नहीं ले रहे हैं और उनका मूल काम CoE से जुड़ा हुआ है।

अब Director of Cricket की संभावित भूमिका सामने आने से लक्ष्मण का भारतीय क्रिकेट में प्रशासनिक और रणनीतिक प्रभाव बढ़ सकता है।

खिलाड़ियों के विकास पर होगा जोर

अगर यह पद बनाया जाता है तो इसका एक बड़ा उद्देश्य टैलेंट पाइपलाइन को मजबूत करना होगा।

यानी किसी खिलाड़ी के अंडर-19 स्तर पर सामने आने से लेकर इंडिया ए, घरेलू क्रिकेट और फिर सीनियर टीम तक पहुंचने की प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से मॉनिटर किया जा सकता है।

इसके साथ ही अलग-अलग स्तरों पर काम कर रहे कोच और सपोर्ट स्टाफ के बीच तालमेल भी इस पद की संभावित जिम्मेदारियों में शामिल हो सकता है।

चोट और रिहैब सिस्टम भी अहम हिस्सा

भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की चोट और workload management लगातार महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे में CoE और राष्ट्रीय टीम के बीच बेहतर समन्वय भी नई व्यवस्था का एक प्रमुख हिस्सा हो सकता है।

हाल ही में लक्ष्मण ने CoE को लेकर कहा था कि यह केवल खिलाड़ियों के rehabilitation का केंद्र नहीं है। उन्होंने खिलाड़ियों के workload और recovery पर व्यापक नजर रखने की जरूरत पर भी जोर दिया था।

Director of Cricket के रूप में उनकी संभावित भूमिका में ऐसी व्यवस्थाओं को सीनियर और जूनियर दोनों स्तरों पर एक समान रणनीति से जोड़ने की कोशिश हो सकती है।

दुनिया के दूसरे क्रिकेट बोर्डों में भी ऐसा मॉडल

Director of Cricket या इसी तरह की रणनीतिक भूमिका क्रिकेट खेलने वाले कई देशों में पहले से मौजूद है। ऐसे पदों पर आमतौर पर क्रिकेट की दीर्घकालिक योजना, खिलाड़ी विकास, कोचिंग संरचना और हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम के बीच तालमेल की जिम्मेदारी होती है।

BCCI भी इसी तरह की एक केंद्रीय भूमिका तैयार करके भारतीय क्रिकेट के विभिन्न हिस्सों को एक रणनीतिक दिशा देने की कोशिश कर सकता है।

CoE आखिर क्या है?

BCCI का Centre of Excellence बेंगलुरु में स्थित हाई-परफॉर्मेंस क्रिकेट सुविधा है। इसे पहले National Cricket Academy (NCA) के नाम से जाना जाता था।

यहां खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण, फिटनेस, खेल विज्ञान और चोट से वापसी से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हैं। लक्ष्मण इस व्यवस्था के प्रमुख के रूप में लंबे समय से युवा और सीनियर खिलाड़ियों के साथ जुड़े हुए हैं।

हाल ही में लक्ष्मण ने CoE की भूमिका का बचाव करते हुए कहा था कि इसे केवल rehabilitation facility के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

2027 वर्ल्ड कप से पहले क्यों महत्वपूर्ण है बदलाव?

भारत के लिए अगले कुछ साल क्रिकेट के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। 2027 में वनडे वर्ल्ड कप होना है। उससे पहले टीम को अलग-अलग फॉर्मेट में लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना है।

ऐसे में BCCI के सामने केवल सीनियर टीम के तत्काल प्रदर्शन का सवाल नहीं है, बल्कि अगले कई वर्षों के लिए खिलाड़ियों की पाइपलाइन तैयार करने की चुनौती भी है।

यदि Director of Cricket का पद बनाया जाता है, तो लक्ष्मण की संभावित भूमिका इसी लंबी अवधि की योजना को लागू करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।

क्या बदलेगा?

मौजूदा व्यवस्था:
सीनियर टीम, चयन समिति, CoE और एज-ग्रुप क्रिकेट की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां हैं।

प्रस्तावित व्यवस्था:
Director of Cricket इन सभी स्तरों के बीच समन्वय की केंद्रीय भूमिका निभा सकता है।

संभावित जिम्मेदारियां:
टैलेंट पहचान, खिलाड़ी विकास, कोचिंग सिस्टम में तालमेल, सपोर्ट स्टाफ, फिटनेस-रिहैब व्यवस्था और पुरुष एवं महिला क्रिकेट के बीच रणनीतिक समन्वय।

लक्ष्मण की संभावित भूमिका:
CoE के अनुभव के आधार पर भारतीय क्रिकेट की लंबी अवधि की योजना और विभिन्न स्तरों के बीच तालमेल।

गंभीर की भूमिका:
मुख्य कोच के रूप में टीम की कोचिंग और क्रिकेटिंग तैयारी।

अगरकर की भूमिका:
मुख्य चयनकर्ता के रूप में खिलाड़ियों के चयन की जिम्मेदारी।

फिलहाल BCCI की ओर से Director of Cricket पद और VVS लक्ष्मण की नियुक्ति पर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। इसलिए इसे अभी संभावित प्रशासनिक बदलाव के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।