इंदौर में चोरों का आतंक, किराए के मकान और मोबाइल दुकान को बनाया निशाना; लाखों का सामान चोरी

इंदौर में चोरों का आतंक, किराए के मकान और मोबाइल दुकान को बनाया निशाना; लाखों का सामान चोरी

दो अलग-अलग इलाकों में वारदात से हड़कंप, पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की; सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही टीम

इंदौर शहर में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने दो अलग-अलग इलाकों में एक किराए के मकान और मोबाइल की दुकान को निशाना बनाया। दोनों मामलों में चोर घर और दुकान से सामान लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित थानों की पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही संदिग्धों की गतिविधियों और पुराने चोरी के मामलों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह का हाथ है या अलग-अलग चोरों ने वारदात को अंजाम दिया।

किराए के मकान को बनाया निशाना
पहली घटना शहर के एक इलाके में स्थित किराए के मकान की बताई जा रही है। मकान में रहने वाले परिवार की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर चोर अंदर घुसे। इसके बाद उन्होंने घर में रखे सामान को खंगाला और कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
घर लौटने के बाद परिवार को चोरी की जानकारी मिली। घर के सामान को बिखरा देखकर परिवार ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस ने घर के आसपास के क्षेत्र में भी पूछताछ की है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी के समय आसपास कोई संदिग्ध व्यक्ति या वाहन तो नहीं देखा गया था।

मोबाइल दुकान में भी चोरी
दूसरी घटना एक मोबाइल दुकान में हुई। चोरों ने दुकान को निशाना बनाकर वहां रखे मोबाइल फोन और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। दुकान संचालक को घटना की जानकारी तब हुई जब वह दुकान खोलने पहुंचा।
दुकान की स्थिति देखकर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और दुकान में लगे कैमरों तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जानकारी जुटाई।
मोबाइल दुकानों में रखे सामान की कीमत अधिक होने के कारण इस तरह की चोरी में नुकसान काफी बड़ा हो सकता है। पुलिस अब चोरी गए मोबाइल और अन्य सामान की जानकारी जुटाकर उनकी बरामदगी की कोशिश कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों की तलाश
दोनों घटनाओं में पुलिस की जांच का एक अहम आधार सीसीटीवी फुटेज है। घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात के दौरान कितने लोग मौजूद थे और वे किस वाहन से आए थे। यदि फुटेज में संदिग्धों की तस्वीरें या वाहन नंबर सामने आते हैं तो उनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
इसके साथ ही पुलिस आसपास के मोबाइल टावर और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी जांच का हिस्सा बना सकती है।

क्या दोनों वारदात के पीछे एक ही गिरोह?
एक ही शहर में किराए के मकान और मोबाइल दुकान में चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस इस संभावना को भी देख रही है कि कहीं दोनों वारदातों के पीछे एक ही गिरोह तो नहीं है।
चोरों ने दोनों जगह किस तरीके से प्रवेश किया, कितने समय में वारदात को अंजाम दिया और चोरी के बाद किस दिशा में गए, इन बिंदुओं की तुलना की जा रही है।
अगर दोनों घटनाओं में तरीका एक जैसा मिलता है तो पुलिस पुराने चोरी के मामलों से भी आरोपियों का रिकॉर्ड मिलाकर जांच कर सकती है।

पुराने चोरों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा
पुलिस चोरी की घटनाओं में अक्सर पुराने आरोपियों के रिकॉर्ड की भी जांच करती है। ऐसे अपराधों में पहले से सक्रिय बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है।
इंदौर में हुई इन घटनाओं के बाद पुलिस यह भी देख रही है कि हाल ही में जेल से बाहर आए किसी आरोपी की गतिविधि संदिग्ध तो नहीं रही। चोरी के पुराने मामलों में शामिल लोगों से पूछताछ कर किसी संभावित कनेक्शन का पता लगाने की कोशिश की जा सकती है।

किराए के मकानों की सुरक्षा पर भी सवाल
किराए के मकान में हुई चोरी के बाद ऐसे घरों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शहर में बड़ी संख्या में लोग किराए के मकानों में रहते हैं। कई बार परिवार कुछ समय के लिए घर से बाहर जाता है और इसी दौरान चोर बंद मकान को निशाना बना लेते हैं।
पुलिस की ओर से समय-समय पर लोगों से अपील की जाती है कि लंबे समय के लिए घर से बाहर जाने पर पड़ोसियों और संबंधित थाने को जानकारी दें। घर में सुरक्षा कैमरे और मजबूत ताले लगाने जैसे उपाय भी चोरी की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकते हैं।

मोबाइल दुकानों पर चोरों की नजर
मोबाइल फोन आसानी से ले जाए जा सकते हैं और उनकी कीमत भी अधिक होती है। यही वजह है कि मोबाइल दुकानों को चोर कई बार निशाना बनाते हैं। दुकान बंद होने के बाद चोरी होने पर बड़ी संख्या में मोबाइल फोन कुछ ही मिनटों में गायब किए जा सकते हैं।
पुलिस अब चोरी गए मोबाइल की पहचान और उनके रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई कर सकती है। मोबाइल फोन का इस्तेमाल या उन्हें बेचने की कोशिश होने पर पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सुराग मिल सकता है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
दोनों घटनाओं की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से संभावित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि चोरों ने पहले रेकी की थी या अचानक मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। दोनों मामलों में चोरी गए सामान की पूरी सूची भी तैयार की जा रही है।
फिलहाल पुलिस का फोकस आरोपियों की पहचान करने, चोरी का सामान बरामद करने और यह पता लगाने पर है कि इन घटनाओं का किसी बड़े चोरी गिरोह से संबंध है या नहीं।

शहर में लगातार निगरानी की जरूरत
चोरी की इन घटनाओं ने एक बार फिर शहर के रिहायशी इलाकों और बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ाई है। रात के समय पुलिस गश्त, सीसीटीवी निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत बढ़ जाती है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों वारदातों में कितने लोग शामिल थे और चोरी का सामान कहां पहुंचाया गया। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।