पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में रिसॉर्ट पर विवाद, वनभूमि पर निर्माण का आरोप
बाघों के कॉरिडोर में निर्माण से वन्यजीवों पर खतरे की आशंका, जांच रिपोर्ट के बाद भी कार्रवाई लंबित
मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व में एक रिसॉर्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में नियमों को दरकिनार कर निर्माण किया गया, जिससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन पर असर पड़ सकता है।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र में यह रिसॉर्ट बनाया गया है, वह बाघों समेत कई वन्य प्राणियों के आने-जाने का महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यहां बाघ, तेंदुआ, भालू, चीतल और सांभर जैसे वन्य जीवों की आवाजाही रहती है। ऐसे में कोर क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने से वन्यजीवों के व्यवहार और उनके सुरक्षित आवास पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
शिकायतों के बाद मामले की जांच भी की गई। जांच रिपोर्ट में कथित तौर पर निर्माण वनभूमि पर होना बताया गया है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे सहित अन्य लोगों ने मामले में निष्पक्ष जांच और नियमों के अनुसार कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और वन्यजीव संरक्षण नियमों के अनुसार कोर एरिया में किसी भी गतिविधि की अनुमति देने से पहले वन्यजीवों पर उसके प्रभाव का आकलन जरूरी है।
वहीं वन विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन इस कथित अवैध निर्माण पर क्या कदम उठाता है।
news desk MPcg