भिंड के गोहद में बिना लाइसेंस चल रही नूडल्स फैक्ट्री पर छापा, ₹4 लाख का माल जब्त

भिंड के गोहद में बिना लाइसेंस चल रही नूडल्स फैक्ट्री पर छापा, ₹4 लाख का माल जब्त

धामसा गांव में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, 200 बोरी मैदा और 50 कार्टन नूडल्स मिले; फैक्ट्री सील

मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोहद क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना लाइसेंस संचालित हो रही नूडल्स और मोटी सेवई बनाने वाली फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने धामसा गांव में स्थित फैक्ट्री पर अचानक छापा मारकर वहां रखे खाद्य पदार्थों और कच्चे माल की जांच की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों को बड़ी मात्रा में मैदा, नूडल्स और अन्य सामग्री मिली। जांच के बाद करीब 4 लाख रुपए कीमत का सामान जब्त किया गया और फैक्ट्री को सील कर दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद आसपास के इलाके में भी हड़कंप की स्थिति रही।

बिना लाइसेंस संचालित हो रही थी फैक्ट्री
खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी मिली थी कि धामसा गांव में एक इकाई बिना आवश्यक लाइसेंस के नूडल्स और मोटी सेवई का उत्पादन कर रही है। सूचना के आधार पर अधिकारियों की टीम ने फैक्ट्री पर पहुंचकर निरीक्षण किया। टीम ने सबसे पहले फैक्ट्री के संचालन से जुड़े दस्तावेज और लाइसेंस की जानकारी मांगी। जांच के दौरान लाइसेंस संबंधी नियमों का पालन नहीं मिलने पर अधिकारियों ने खाद्य सामग्री और उत्पादन प्रक्रिया की विस्तृत जांच शुरू की। टीम ने फैक्ट्री परिसर में रखे कच्चे माल, तैयार उत्पाद और भंडारण व्यवस्था को भी देखा।

200 बोरी मैदा और 50 कार्टन नूडल्स बरामद
फैक्ट्री की तलाशी के दौरान अधिकारियों को करीब 200 बोरी मैदा और 50 कार्टन नूडल्स मिले। इसके अलावा मोटी सेवई बनाने से जुड़ी सामग्री भी परिसर में रखी हुई थी। अधिकारियों ने बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई है। टीम ने खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए हैं, ताकि उनकी गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार जांच की जा सके। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा और रिपोर्ट आने के बाद यह पता चलेगा कि तैयार खाद्य सामग्री निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।

खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नूडल्स और अन्य खाद्य सामग्री के नमूने लिए। सैंपल लेने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें सीलबंद कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट में यदि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में किसी तरह की गड़बड़ी या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो फैक्ट्री संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल विभाग ने जब्त किए गए सामान को कार्रवाई के दायरे में लेते हुए फैक्ट्री का संचालन बंद करा दिया है।

फैक्ट्री को मौके पर ही किया गया सील
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई पूरी करने के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया। फैक्ट्री के सील होने के बाद वहां नूडल्स या मोटी सेवई का उत्पादन और अन्य गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी। विभाग ने कार्रवाई के दौरान मिले सामान को भी अपने कब्जे में ले लिया। फैक्ट्री संचालक को अब लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के संबंध में विभाग के सामने स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर विभाग सख्त
खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री तैयार करने वाली इकाइयों पर विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य पदार्थ पहुंचाना है। गोहद की इस फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री मिलने के बाद विभाग अब इसकी गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया की जांच करेगा। अधिकारियों के मुताबिक सैंपल की रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई के बाद आसपास के कारोबारियों में भी बढ़ी चिंता
गोहद क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद खाद्य पदार्थ बनाने और बेचने वाले अन्य कारोबारियों में भी चिंता बढ़ गई है। विभाग की ओर से लगातार यह जांच की जा रही है कि खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठान आवश्यक लाइसेंस और नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थों का निर्माण या भंडारण पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से यह भी साफ है कि खाद्य सुरक्षा विभाग अवैध तरीके से संचालित खाद्य निर्माण इकाइयों के खिलाफ जांच और कार्रवाई को लेकर सख्ती बरत रहा है।