भोपाल में पहली बार सड़कों पर दिखेगा सेना का शौर्य, 15 जनवरी को गरजेंगे लड़ाकू टैंक

भोपाल में पहली बार सड़कों पर दिखेगा सेना का शौर्य, 15 जनवरी को गरजेंगे लड़ाकू टैंक

आर्मी डे परेड का ऐतिहासिक आयोजन, करीब 50 हजार लोग बनेंगे गवाह; सैन्य उपकरणों और जवानों के प्रदर्शन से दिखेगी भारतीय सेना की ताकत

भोपाल। राजधानी भोपाल के लिए 15 जनवरी 2027 का दिन बेहद खास होने वाला है। पहली बार भारतीय सेना का आर्मी डे परेड किसी सैन्य छावनी तक सीमित न रहकर शहर के सार्वजनिक क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा। इस दौरान भोपाल की सड़कों पर भारतीय सेना के जवानों के साथ लड़ाकू टैंक और आधुनिक सैन्य उपकरण भी नजर आएंगे। सेना के शौर्य और सामर्थ्य को करीब 50 हजार दर्शक प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे।

आर्मी डे यानी सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के गौरव, पराक्रम और देश की सुरक्षा में उसके योगदान को याद करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। भोपाल में होने वाला यह आयोजन इसलिए भी खास है, क्योंकि आम लोगों को पहली बार इतने बड़े स्तर पर सेना की परेड और सैन्य शक्ति को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

पहली बार सार्वजनिक क्षेत्र में होगा आयोजन

अब तक आर्मी डे से जुड़े प्रमुख सैन्य आयोजन मुख्य रूप से सैन्य क्षेत्रों और छावनियों में होते रहे हैं। लेकिन 15 जनवरी 2027 को भोपाल में होने वाली परेड को आम जनता के बीच आयोजित करने की तैयारी है। इसके लिए शहर में बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की जाएंगी, ताकि हजारों लोग सुरक्षित तरीके से परेड देख सकें।

आयोजन के दौरान सेना की अनुशासित टुकड़ियां मार्च पास्ट करेंगी। इसके साथ ही सेना के विभिन्न हथियारों और सैन्य संसाधनों को भी प्रदर्शित किए जाने की तैयारी है। लड़ाकू टैंकों का शहर की सड़कों पर प्रदर्शन इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहने की उम्मीद है।

भोपाल में क्यों खास है यह आयोजन?

इस आयोजन के जरिए आम नागरिकों को भारतीय सेना की कार्यप्रणाली, अनुशासन और सैन्य क्षमता को करीब से देखने का मौका मिलेगा। बच्चों और युवाओं के लिए भी यह आयोजन खास आकर्षण का केंद्र बन सकता है। सेना के जवानों का मार्च पास्ट, सैन्य बैंड, टैंक और अन्य उपकरण लोगों के बीच देशभक्ति का माहौल बनाएंगे।

जानकारी के अनुसार, भोपाल का चयन आर्मी डे परेड के लिए इसी वर्ष मार्च में किया गया था। अब जनवरी 2027 में होने वाले इस आयोजन की तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा। बड़े पैमाने पर दर्शकों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के सामने यातायात, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी रहेंगी।

50 हजार दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद

परेड को देखने के लिए करीब 50 हजार दर्शकों के पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ-साथ यातायात को व्यवस्थित करने के लिए भी विशेष प्लान तैयार किया जाएगा। सेना के भारी वाहनों और टैंकों की आवाजाही को देखते हुए रूट और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

भोपाल में होने वाला यह आर्मी डे परेड सिर्फ सैन्य प्रदर्शन नहीं, बल्कि आम लोगों और भारतीय सेना के बीच जुड़ाव का भी बड़ा अवसर होगा। पहली बार शहर की सड़कों पर टैंकों की गर्जना और सेना के जवानों का अनुशासित मार्च राजधानीवासियों के लिए यादगार नजारा बनने वाला है।