सीहोर में 11 किमी लंबी कांवड़ यात्रा शुरू, सीवन घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब; देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

सीहोर में 11 किमी लंबी कांवड़ यात्रा शुरू, सीवन घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब; देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक निकली भव्य कांवड़ यात्रा, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और यूपी समेत कई राज्यों से पहुंचे शिवभक्त; भारी भीड़ को देखते हुए सीवन घाट पर एंट्री रोकी गई

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर में मंगलवार सुबह भगवान शिव की भक्ति और आस्था का विशाल नजारा देखने को मिला। सीवन नदी के तट से प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम तक करीब 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा शुरू हुई। सुबह 9 बजे शुरू हुई इस यात्रा में मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत देश के अलग-अलग राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं।

कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालु सीवन नदी से जल लेकर पैदल कुबेरेश्वर धाम की ओर रवाना हुए। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंजता रहा। भगवा ध्वज और कांवड़ लेकर बड़ी संख्या में शिवभक्त यात्रा में शामिल हुए।

सीवन घाट पर बढ़ी भीड़, एंट्री रोकने की नौबत

कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले ही सीवन नदी घाट और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ का दबाव बढ़ने के बाद प्रशासन को सीवन घाट की ओर श्रद्धालुओं की एंट्री नियंत्रित करनी पड़ी। बड़ी संख्या में लोग निर्धारित मार्ग से कांवड़ लेकर कुबेरेश्वर धाम की ओर आगे बढ़ते रहे।

सोमवार से ही सीहोर और कुबेरेश्वर धाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी। अंतिम सोमवार को भी बड़ी संख्या में भक्तों ने कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था।

देश के कई राज्यों से पहुंचे शिवभक्त

कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए दूर-दराज के राज्यों से श्रद्धालु सीहोर पहुंचे हैं। महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य क्षेत्रों से भी शिवभक्त कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए। कई श्रद्धालु पहले ही सीहोर पहुंच गए थे, जिसके चलते शहर और कुबेरेश्वर धाम के आसपास लगातार भीड़ बनी हुई है।

यात्रा का मुख्य उद्देश्य सीवन नदी से पवित्र जल लेकर करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर कुबेरेश्वर धाम पहुंचना और भगवान शिव का जलाभिषेक करना है। इस दौरान श्रद्धालु पूरे रास्ते धार्मिक जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

पंडित प्रदीप मिश्रा भी कांवड़ लेकर चलेंगे

कांवड़ यात्रा में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है। यात्रा की तैयारियों के मुताबिक वे सीवन नदी से जल लेकर कांवड़ के साथ करीब 11 किलोमीटर पैदल चलकर कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे।

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सेवा के लिए बड़ी संख्या में सेवा केंद्र भी बनाए गए हैं। इन स्थानों पर पेयजल, फलाहार, चाय और प्रसादी की व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई है। यात्रा के दौरान करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की तैयारी की गई थी। इसके अलावा कुबेरेश्वर धाम समिति के वॉलंटियर्स भी व्यवस्था संभालने में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।

यात्रा मार्ग पर चिकित्सा शिविर और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है, ताकि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग को अलग-अलग सेक्टर में बांटकर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है।

ट्रैफिक पर भी असर, डायवर्जन प्लान लागू

कांवड़ यात्रा में भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए सीहोर पुलिस ने यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया है। 23 अगस्त से 25 अगस्त रात तक विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। भोपाल-इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित कर वैकल्पिक रास्तों से भेजने की व्यवस्था की गई है।

फिलहाल सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा हुआ है। हजारों कांवड़िए हाथों में भगवा ध्वज और कंधों पर कांवड़ लेकर 11 किलोमीटर की यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ और लगातार गूंज रहे हर-हर महादेव के जयकारों से सीहोर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आ रहा है।