CRPF के 86वें स्थापना दिवस पर नीमच में भव्य परेड, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जवानों को किया सम्मानित
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नीमच में सीआरपीएफ के 86वें स्थापना दिवस परेड में जवानों को पदक और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ सीआरपीएफ की भूमिका और सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा इसकी स्थापना की सराहना की। नीमच, जहां 1939 में बल की नींव रखी गई, इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए विशेष महत्व रखता है।
नीमच, 17 अप्रैल 2025: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 86वें स्थापना दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के नीमच में स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में आज एक भव्य परेड का आयोजन किया गया। इस समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सीआरपीएफ के जवानों की वीरता और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें उत्कृष्ट कार्यों के लिए पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए।
अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, "सीआरपीएफ ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में अभूतपूर्व योगदान दिया है। 'पशुपति से तिरुपति' तक फैले नक्सलियों को आज चार जिलों तक सीमित करने में इस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।" उन्होंने यह भी बताया कि सीआरपीएफ की नींव देश के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने रखी थी, जिन्होंने इसे ध्वज प्रदान कर गौरवशाली इतिहास की शुरुआत की।
CRPF दिवस का ऐतिहासिक महत्व
सीआरपीएफ दिवस प्रतिवर्ष 19 मार्च को मनाया जाता है, क्योंकि 1950 में इसी दिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने बल को औपचारिक रूप से ध्वज प्रदान किया था। इस वर्ष विस्तारित समारोह के तहत नीमच में परेड का आयोजन किया गया, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को और उजागर करता है। नीमच वह स्थान है, जहां 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश शासनकाल में क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस की स्थापना हुई थी। स्वतंत्रता के बाद 28 दिसंबर 1949 को सरदार पटेल ने इसे 'सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स' का नाम दिया।
CRPF की गौरवशाली यात्रा
सीआरपीएफ ने देश के एकीकरण से लेकर आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ अभियानों, अंतरराष्ट्रीय शांति मिशनों, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आज यह विश्व का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक सुसज्जित अर्धसैनिक बल है, जो अपनी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाना जाता है।
नीमच का विशेष महत्व
नीमच का चयन इस आयोजन के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह ऐतिहासिक रूप से सीआरपीएफ की स्थापना से जुड़ा है। समारोह में जवानों ने परेड के माध्यम से अपनी अनुशासनबद्धता और शौर्य का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और दर्शकों ने सराहा।
केंद्रीय गृहमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, "सीआरपीएफ देश की सुरक्षा का मजबूत स्तंभ है। आपका समर्पण और बलिदान हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।" इस अवसर पर सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, जवान और उनके परिवारजन भी उपस्थित रहे।
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