हमीदिया अस्पताल में फिर बनेगा जेल वार्ड, कैदियों की निगरानी होगी आसान; 2021 में बंद हुआ था विशेष वार्ड
भोपाल: राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले बंदियों और कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। अस्पताल में दोबारा अलग जेल वार्ड शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। यह वार्ड शुरू होने के बाद गंभीर रूप से बीमार या उपचार की जरूरत वाले कैदियों को आम मरीजों से अलग रखा जा सकेगा और उनकी निगरानी करना पुलिस व जेल प्रशासन के लिए आसान होगा।
हमीदिया अस्पताल में पहले से विशेष जेल वार्ड की व्यवस्था थी, लेकिन 2021 में इसे बंद कर दिया गया था। इसके बाद जेलों से उपचार के लिए लाए जाने वाले बंदियों को अस्पताल के सामान्य वार्डों में भर्ती कराया जा रहा था। इससे एक ओर आम मरीजों के बीच सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती रहती थी, वहीं दूसरी ओर बंदियों की निगरानी में भी पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती थी।
2021 में बंद हुआ था जेल वार्ड
हमीदिया अस्पताल में पहले कैदियों के इलाज के लिए अलग वार्ड की व्यवस्था थी। यहां भर्ती बंदियों को आम मरीजों से अलग रखा जाता था और उनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात रहते थे।
हालांकि वर्ष 2021 में विशेष जेल वार्ड बंद कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले बंदियों को उनकी बीमारी और उपलब्ध बेड के अनुसार सामान्य वार्डों में भर्ती किया जाने लगा।
इस व्यवस्था के कारण कैदी सामान्य मरीजों के बीच रहते हैं। अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही होने के कारण पुलिसकर्मियों के लिए बंदियों पर लगातार नजर रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
सामान्य वार्ड में निगरानी बनी चुनौती
हमीदिया अस्पताल राजधानी का प्रमुख सरकारी अस्पताल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अलग-अलग विभागों में मरीजों की भीड़ और उनके साथ आने वाले परिजनों की मौजूदगी के बीच जेल से लाए गए बंदियों की सुरक्षा करना पुलिस के लिए आसान नहीं होता।
किसी बंदी को सामान्य वार्ड में भर्ती किए जाने पर उसकी निगरानी के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ता है। इससे सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ पुलिस संसाधनों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
जेल प्रशासन का मानना है कि यदि कैदियों के लिए अलग वार्ड उपलब्ध हो तो उनकी सुरक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करना ज्यादा आसान होगा।
स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा प्रस्ताव
जेल विभाग की ओर से हमीदिया अस्पताल में दोबारा जेल वार्ड शुरू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजने की तैयारी की जा रही है। प्रस्ताव में कैदियों के उपचार के लिए अलग व्यवस्था उपलब्ध कराने और सुरक्षा की दृष्टि से उपयुक्त स्थान निर्धारित करने से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जा सकता है।
प्रस्ताव पर मंजूरी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय से आगे की व्यवस्था तय की जाएगी।
फरार होने की आशंका को कम करने पर जोर
अलग जेल वार्ड शुरू करने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य अस्पताल में इलाज करा रहे कैदियों की सुरक्षा को मजबूत करना है। सामान्य वार्ड में भर्ती बंदियों के मामले में पुलिसकर्मियों को हर समय सतर्क रहना पड़ता है।
अस्पताल में भीड़भाड़, मरीजों की आवाजाही और कई प्रवेश-निकास बिंदुओं के कारण सुरक्षा व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो सकती है। अलग वार्ड होने पर बंदियों के आने-जाने और उनके आसपास की गतिविधियों को नियंत्रित करना अपेक्षाकृत आसान होगा।
इससे इलाज के दौरान किसी बंदी के भागने या सुरक्षा व्यवस्था में चूक की आशंका को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आम मरीजों को भी मिलेगा फायदा
जेल वार्ड दोबारा शुरू होने का फायदा सिर्फ जेल प्रशासन और पुलिस को ही नहीं, बल्कि अस्पताल में भर्ती आम मरीजों को भी मिल सकता है।
वर्तमान में जब किसी कैदी को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जाता है तो उसकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी आसपास तैनात रहते हैं। इससे वार्ड में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बनानी पड़ती है।
अलग वार्ड होने पर आम मरीजों के वार्ड में ऐसी सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता कम हो सकती है और सामान्य मरीजों के लिए अस्पताल का वातावरण भी अधिक सहज रह सकता है।
कैदियों के इलाज की व्यवस्था होगी अलग
जेल वार्ड का उद्देश्य कैदियों को इलाज से वंचित करना नहीं, बल्कि उपचार के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिन बंदियों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होगी, उन्हें चिकित्सकीय जरूरत के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
अलग वार्ड में भर्ती होने की स्थिति में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ उपचार करेंगे, जबकि बंदियों की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित सुरक्षा बलों की रहेगी।
इस तरह स्वास्थ्य और सुरक्षा—दोनों व्यवस्थाओं को एक साथ संचालित करने में आसानी हो सकती है।
हमीदिया में क्यों जरूरी है अलग व्यवस्था?
हमीदिया अस्पताल भोपाल का बड़ा सरकारी चिकित्सा केंद्र है। यहां गंभीर बीमारियों सहित अलग-अलग चिकित्सा जरूरतों के लिए मरीज पहुंचते हैं। जेलों में बंद कई कैदियों को भी जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ उपचार के लिए हमीदिया लाया जाता है।
ऐसे में कैदियों को सामान्य मरीजों के बीच रखने की व्यवस्था सुरक्षा के लिहाज से चुनौतीपूर्ण हो सकती है। जेल वार्ड की दोबारा स्थापना से अस्पताल में कैदियों के उपचार के लिए एक निर्धारित और नियंत्रित स्थान उपलब्ध हो सकेगा।
जेल वार्ड को लेकर मुख्य बातें
हमीदिया अस्पताल में दोबारा अलग जेल वार्ड शुरू करने की तैयारी।
विशेष जेल वार्ड 2021 में बंद किया गया था।
फिलहाल उपचार के लिए आने वाले बंदियों को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जाता है।
सामान्य वार्ड में कैदियों की निगरानी पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण रहती है।
अलग वार्ड से बंदियों की सुरक्षा और निगरानी आसान होने की उम्मीद।
अस्पताल में बंदियों के फरार होने की आशंका को कम करने पर जोर।
आम मरीजों के वार्ड में सुरक्षा व्यवस्था का अतिरिक्त दबाव भी घट सकता है।
जेल विभाग की ओर से स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
प्रस्ताव पर मंजूरी के बाद वार्ड शुरू करने की आगे की प्रक्रिया तय होगी।
सुरक्षा के साथ इलाज पर फोकस
हमीदिया अस्पताल में जेल वार्ड को दोबारा शुरू करने की पहल का मुख्य उद्देश्य बंदियों को इलाज के दौरान सुरक्षित रखना और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित करना है। प्रस्ताव पर स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी के बाद यह साफ होगा कि वार्ड के लिए अस्पताल में किस स्थान का चयन किया जाता है और इसमें किस तरह की सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी।
अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो वर्ष 2021 में बंद हुई विशेष व्यवस्था दोबारा बहाल हो सकेगी और अस्पताल में इलाज कराने आने वाले कैदियों की निगरानी के लिए पुलिस और जेल प्रशासन को एक अलग सुरक्षित स्थान मिल जाएगा।
news desk MPcg