इंदौर में 10 साल की बच्ची की मौत से हंगामा, 15 दिन से चल रहा था इलाज

इंदौर में 10 साल की बच्ची की मौत से हंगामा, 15 दिन से चल रहा था इलाज

जेक्शन-बॉटल के बाद बिगड़ी तबीयत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप खातीवाला टैंक के हर्ष क्लीनिक में इलाज के दौरान बच्ची ने तोड़ा दम, आक्रोशित परिजन पहुंचे जूनी इंदौर थाने

इंदौर। शहर के खातीवाला टैंक क्षेत्र स्थित हर्ष क्लीनिक में 10 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत के बाद रविवार देर रात हंगामा हो गया। बच्ची के परिजनों ने डॉक्टर और क्लीनिक प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। घटना के बाद बड़ी संख्या में आक्रोशित स्वजन जूनी इंदौर थाने पहुंचे और मामले की जांच कराने की मांग की।

मृत बच्ची की पहचान गणेश नगर, खंडवा नाका निवासी दिव्यांशी, पिता मनोज सोलंकी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, दिव्यांशी को पिछले कुछ समय से पेट दर्द की शिकायत थी। इसी परेशानी के चलते उसका इलाज करीब 15 दिनों से हर्ष क्लीनिक में डॉ. श्रीचंद बागैचा से कराया जा रहा था।

रविवार को दोबारा क्लीनिक लेकर पहुंचे थे परिजन

परिजनों के अनुसार, रविवार दोपहर बच्ची की तबीयत खराब होने पर उसे दोबारा हर्ष क्लीनिक लेकर पहुंचे थे। वहां चिकित्सकीय उपचार के दौरान बच्ची को इंजेक्शन लगाया गया और बॉटल चढ़ाई गई। स्वजन का आरोप है कि इसके बाद अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी।

कुछ समय बाद उसकी हालत गंभीर हो गई और आखिरकार बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास मौजूद लोग आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते क्लीनिक में विवाद और हंगामे की स्थिति बन गई।

इलाज में लापरवाही का आरोप

बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बच्ची का पिछले करीब दो सप्ताह से इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार को उपचार के बाद उसकी हालत अचानक गंभीर हो गई और उसकी जान चली गई।

परिजनों ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि इलाज में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

बड़ी संख्या में थाने पहुंचे स्वजन

घटना के बाद आक्रोशित परिजन और अन्य लोग बड़ी संख्या में जूनी इंदौर थाने पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस के सामने अपनी शिकायत और आरोप रखे। परिजनों की मांग है कि बच्ची की मौत की परिस्थितियों की जांच की जाए और इलाज से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल हो।

पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ करने के साथ ही बच्ची के इलाज और मौत से संबंधित परिस्थितियों की जानकारी ले रही है।

मौत की असली वजह जांच के बाद होगी साफ

फिलहाल बच्ची की मौत की वास्तविक वजह क्या रही और उपचार के दौरान किसी तरह की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

मामले में बच्ची का इलाज कितने समय से चल रहा था, रविवार को क्लीनिक में उसे कौन-कौन से उपचार दिए गए और इसके बाद उसकी तबीयत किस तरह बिगड़ी, इन सभी बिंदुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।

बच्ची की मौत से परिवार में मातम का माहौल है। वहीं, घटना के बाद परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों ने क्लीनिक में चल रहे उपचार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्ची की मौत के पीछे बीमारी की गंभीरता थी या उपचार से जुड़ा कोई अन्य कारण।

पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी