PM आवास योजना में लापरवाही पर डिंडौरी में बड़ी कार्रवाई, संविदा परियोजना अधिकारी की सेवा समाप्त; बनारस गए तो फोन भी मिला बंद

PM आवास योजना में लापरवाही पर डिंडौरी में बड़ी कार्रवाई, संविदा परियोजना अधिकारी की सेवा समाप्त; बनारस गए तो फोन भी मिला बंद

PM आवास की धीमी प्रगति पर पहले किया गया था संलग्न

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के क्रियान्वयन में लापरवाही और लगातार अनधिकृत अनुपस्थिति के मामले में जिला पंचायत ने बड़ी कार्रवाई की है। जनपद पंचायत करंजिया में संलग्न संविदा परियोजना अधिकारी सी.एस. सिंह की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। जिला पंचायत के आदेश के अनुसार उन्हें करंजिया क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति सुधारने के उद्देश्य से अप्रैल 2026 में संलग्न किया गया था, लेकिन इसके बाद उनकी उपस्थिति और कार्यप्रणाली को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रहीं।

अप्रैल में सिर्फ 3 और मई में 4 दिन रहे उपस्थित

जिला पंचायत के आदेश में दर्ज जानकारी के अनुसार सी.एस. सिंह को 8 अप्रैल 2026 को करंजिया में पीएम आवास योजना की प्रगति सुधारने के लिए संलग्न किया गया था। उनकी उपस्थिति की जांच में सामने आया कि अप्रैल महीने में उन्होंने केवल तीन दिन और मई में चार दिन कार्यालय में उपस्थिति दर्ज कराई। इसके बाद जून और जुलाई 2026 में वे पूरे महीने कार्यालय से अनुपस्थित रहे। अधिकारियों के अनुसार इतनी कम उपस्थिति के कारण योजना से जुड़े कामों की निगरानी और लक्ष्यपूर्ति प्रभावित हुई।

Zoom बैठक में भी नहीं होते थे शामिल

मामले में सिर्फ कार्यालय से अनुपस्थिति ही नहीं, बल्कि जिला स्तर पर होने वाली नियमित समीक्षा बैठकों में भी उनकी गैरमौजूदगी सामने आई। जिला पंचायत के अनुसार पीएम आवास योजना की प्रगति को लेकर प्रतिदिन आयोजित होने वाली Zoom VC बैठकों में भी सी.एस. सिंह की उपस्थिति नहीं रही। करंजिया जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने भी बताया कि परियोजना अधिकारी नियमित रूप से कार्यालय नहीं आते थे। इसके चलते विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं हो पा रही थी।

नोटिस जारी कर मांगा गया था जवाब

लगातार अनुपस्थिति और काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर जिला पंचायत ने 11 अगस्त 2026 को सी.एस. सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्हें तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि जिला पंचायत के अनुसार उनके द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इससे पहले भी उन्हें कार्यालयीन पत्र के माध्यम से संविदा सेवा की शर्तों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी जा चुकी थी।

बिना सूचना बनारस चले गए, फोन भी बंद मिला

जांच के दौरान उनकी अनुपस्थिति से जुड़ा एक और मामला सामने आया। जिला पंचायत के मुताबिक सी.एस. सिंह बिना पूर्व सूचना के अपने गृह जिले बनारस, उत्तर प्रदेश चले गए थे। जब उनसे दूरभाष के जरिए संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला। अधिकारियों ने इसे बिना अनुमति लंबे समय तक कार्यालय से अनुपस्थित रहने के मामले के तौर पर लिया। लगातार अनुपस्थिति और बिना सूचना मुख्यालय से बाहर रहने की स्थिति ने उनके खिलाफ कार्रवाई को और गंभीर बना दिया।

चेतावनी और मानदेय कटौती के बाद भी नहीं बदली कार्यप्रणाली

जिला पंचायत के अनुसार सी.एस. सिंह को पहले भी उनकी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए चेतावनी दी गई थी। उनके खिलाफ मानदेय में कटौती की कार्रवाई भी की गई, लेकिन इसके बावजूद कार्यालय में नियमित उपस्थिति और योजना के काम में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। अधिकारियों ने माना कि बार-बार समझाइश और कार्रवाई के बाद भी स्थिति में बदलाव नहीं आया।

PM आवास योजना की जिम्मेदारी में लापरवाही मानी गई

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है, जिसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए सहायता दी जाती है। इस योजना में लाभार्थियों के चयन से लेकर निर्माण की प्रगति, जियो टैगिंग, किस्तों और आवास पूर्ण कराने तक स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी की लगातार अनुपस्थिति से योजना की प्रगति प्रभावित होना प्रशासन के लिए गंभीर विषय माना गया।

संविदा सेवा नियमों के तहत समाप्त किया गया अनुबंध

जिला पंचायत डिंडौरी ने पूरे मामले में उपलब्ध रिकॉर्ड, उपस्थिति विवरण, नोटिस और स्पष्टीकरण को आधार बनाते हुए सी.एस. सिंह की संविदा सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया। आदेश में मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग के संविदा सेवा नियम 2023 के प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। जिला पंचायत के आदेश क्रमांक 2201A/स्था/जि.पं./2026 दिनांक 2 सितंबर 2026 के तहत सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई।

प्रशासन ने दिया जवाबदेही का संदेश

इस कार्रवाई को जिला प्रशासन की ओर से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही के खिलाफ सख्त कदम के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर ऐसी योजना, जिसका सीधा संबंध ग्रामीण परिवारों को आवास उपलब्ध कराने से है, उसमें जिम्मेदार अधिकारी की लगातार अनुपस्थिति को लेकर प्रशासन ने किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती। सेवा समाप्ति के आदेश से अन्य संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों को भी नियमित उपस्थिति तथा योजनाओं की प्रगति को लेकर जवाबदेही का संदेश गया है।

अब योजना की प्रगति पर प्रशासन की नजर

सी.एस. सिंह की सेवा समाप्त होने के बाद अब करंजिया विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रगति पर प्रशासन का फोकस रहेगा। अधिकारियों के सामने लंबित कार्यों को गति देने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा कराने की चुनौती होगी। आने वाले समय में योजना की प्रगति और लाभार्थियों के आवास निर्माण की स्थिति की समीक्षा भी महत्वपूर्ण रहेगी।