जूनियर शूटरों ने SAI कोच पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, जांच तक रेंज से हटाया

जूनियर शूटरों ने SAI कोच पर लगाए यौन उत्पीड़न के आरोप, जांच तक रेंज से हटाया

सुहल जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान आरोप सामने आने की बात, NRAI की ICC ने सुना कोच का पक्ष; SAI ने करणी सिंह शूटिंग रेंज से हटाकर रीजनल सेंटर से किया अटैच
भारतीय जूनियर राइफल निशानेबाजों से जुड़े एक गंभीर मामले ने खेल जगत में सवाल खड़े कर दिए हैं। जून में जर्मनी के सुहल में हुई जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के दौरान कुछ महिला शूटरों ने SAI के एक कोच पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी ने आरोपों पर कोच का पक्ष सुना और अपनी रिपोर्ट SAI को भेजी।

रिपोर्ट के आधार पर SAI ने आरोपी कोच को दिल्ली के डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज से हटा दिया है। प्रशासनिक कार्रवाई के तहत उसे दिल्ली स्थित SAI रीजनल सेंटर से अटैच किया गया है। यह व्यवस्था NRAI की ICC जांच पूरी होने तक लागू रहेगी। हालांकि, फिलहाल पुलिस में इस मामले को लेकर कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
SAI ने बताया कि उसे करणी सिंह शूटिंग रेंज में तैनात एक शूटिंग कोच के खिलाफ महिला शूटर की शिकायत की जानकारी NRAI से मिली थी। चूंकि मामला ICC के सामने विचाराधीन है, इसलिए PoSH एक्ट, 2013 की धारा 16 के तहत जांच से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की जा सकती। आरोपी कोच SAI का कर्मचारी बताया जा रहा है और जांच अभी जारी है।

यह पहली बार नहीं है जब भारतीय शूटिंग से जुड़े किसी कोच पर इस तरह के आरोप सामने आए हैं। दिसंबर 2025 में राष्ट्रीय स्तर की 17 वर्षीय महिला निशानेबाज ने कोच अंकुश भारद्वाज पर फरीदाबाद के एक होटल में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। आरोप था कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरान प्रदर्शन के मूल्यांकन के बहाने शूटर को होटल बुलाया गया था। इसके बाद NRAI ने अंकुश भारद्वाज को सस्पेंड कर दिया था।
अब सवाल यह है कि जूनियर खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए खेल संस्थानों में मौजूद व्यवस्था कितनी प्रभावी है? क्या ICC की जांच के बाद इस मामले में आगे कोई सख्त कार्रवाई होगी? फिलहाल आरोपों की अंतिम पुष्टि या जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया है और मामला आंतरिक जांच के अधीन है।