शिक्षक भर्ती आंदोलन में दिग्विजय सिंह की एंट्री, अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठे; एक दिन पहले CM-शिवराज का काफिला रोका था
शिक्षक दिवस पर नीलम पार्क पहुंचे दिग्विजय
भोपाल में शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाने और नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा अभ्यर्थियों का आंदोलन अब राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है। शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भोपाल के नीलम पार्क पहुंचे और आंदोलन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ धरने पर बैठ गए। वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से यहां धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह ने पहले भी आंदोलन स्थल पर पहुंचकर अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया था और मांगें पूरी नहीं होने पर शिक्षक दिवस से 24 घंटे के उपवास की बात कही थी।
एक दिन पहले CM और शिवराज का काफिला रोका
दिग्विजय सिंह के आंदोलन में शामिल होने से ठीक एक दिन पहले यानी 4 सितंबर को शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने नीलम पार्क के बाहर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोककर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा था। अभ्यर्थी लंबे समय से शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग शुरू कराने की मांग कर रहे हैं। काफिला रोके जाने के बाद यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है।
15 दिनों से धरना और भूख हड़ताल
नीलम पार्क में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती-2025 के अभ्यर्थियों का आंदोलन करीब 15 दिनों से जारी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला है। इसी कारण कई अभ्यर्थी धरने के साथ भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। आंदोलन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की तबीयत बिगड़ने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं।
वर्ग-1 के अभ्यर्थियों का 5819 पदों का दावा
वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का दावा है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती में 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे। उनके अनुसार पहली काउंसलिंग में केवल 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं, जबकि 5819 पदों पर अभी काउंसलिंग बाकी है। अभ्यर्थी इन पदों को भरने के साथ अतिरिक्त पद जोड़कर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण कई उम्मीदवारों के सामने उम्र सीमा पार होने का खतरा भी बढ़ रहा है।
वर्ग-2 में 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने की मांग
वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती-2025 के अभ्यर्थी भी पदों की संख्या बढ़ाने की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार अतिरिक्त पद और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाए जाने चाहिए। अभ्यर्थियों ने विषय शिक्षक के साथ खेल, संगीत, नृत्य, गायन और वादन जैसे विषयों में भी अतिरिक्त पद स्वीकृत करने की मांग रखी है।
दूसरी काउंसलिंग शुरू करने की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या सीमित होने के कारण बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार नियुक्ति से बाहर रह सकते हैं। ऐसे में वे अतिरिक्त पद जोड़कर दूसरी काउंसलिंग कराने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यदि विभागों में रिक्त पद उपलब्ध हैं तो उन्हें मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए, जिससे अभ्यर्थियों को दोबारा नई भर्ती परीक्षा का इंतजार न करना पड़े।
रिक्त पदों का हवाला देकर सरकार से सवाल
अभ्यर्थियों ने अपने ज्ञापन में स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में शिक्षकों के बड़ी संख्या में रिक्त पद होने का दावा किया है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद मौजूदा भर्ती में अपेक्षाकृत कम पदों पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। प्रदर्शनकारी इसी आधार पर सरकार से रिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।
15 हजार स्वीकृत पदों को मौजूदा भर्ती में जोड़ने की मांग
अभ्यर्थियों ने बजट सत्र में स्वीकृत बताए जा रहे 15 हजार शिक्षक पदों को भी वर्तमान वर्ग-2 और वर्ग-3 भर्ती में शामिल करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि यदि इन पदों को मौजूदा भर्ती में जोड़ा जाता है तो नई भर्ती परीक्षा आयोजित करने में लगने वाला समय और सरकारी संसाधन दोनों बच सकते हैं। इससे पहले से परीक्षा प्रक्रिया पूरी कर चुके अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति का अवसर मिल सकता है।
दिग्विजय सिंह बोले- मांगों के समर्थन में रहेंगे
दिग्विजय सिंह पहले भी नीलम पार्क पहुंचकर अभ्यर्थियों के आंदोलन का समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने और रिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की थी। शिक्षक दिवस पर दोबारा आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उनके साथ बैठने से इस मुद्दे को राजनीतिक समर्थन और अधिक प्रमुखता मिली है।
आंदोलन से बढ़ी सरकार की चुनौती
एक तरफ शिक्षक अभ्यर्थी लगातार पदवृद्धि और दूसरी काउंसलिंग की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आंदोलन अब राजनीतिक समर्थन हासिल कर रहा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के काफिले रोके जाने तथा शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री के धरने में शामिल होने के बाद सरकार पर अभ्यर्थियों की मांगों को लेकर जल्द निर्णय लेने का दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल अभ्यर्थी आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।
सरकार के फैसले पर टिकी नजर
शिक्षक दिवस के मौके पर हुए इस घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की शिक्षक भर्ती को एक बार फिर राजनीतिक और रोजगार के बड़े मुद्दे के रूप में सामने ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार अभ्यर्थियों की पदवृद्धि, दूसरी काउंसलिंग और रिक्त पदों को भर्ती में शामिल करने की मांग पर क्या फैसला लेती है। तब तक नीलम पार्क में चल रहा आंदोलन जारी रहने की संभावना है।
news desk MPcg