करोंद में मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गरम

करोंद में मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासत गरम

मंच से बोले- करोंद चौराहे से मिसाइल छोड़ो तो काजी कैंप में जाकर गिरेगी, बाद में सफाई दी- मेरा इशारा भोपाल नहीं, इस्लामाबाद के काजी कैंप की ओर था
भोपाल के करोंद में रविवार रात मटकी फोड़ प्रतियोगिता के दौरान हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। मंच से संबोधन के दौरान शर्मा ने कहा कि “करोंद चौराहे से मिसाइल छोड़ो तो काजी कैंप में जाकर गिरे।” बयान सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं। विवाद बढ़ने पर विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि उनका आशय भोपाल के काजी कैंप से नहीं, बल्कि इस्लामाबाद के काजी कैंप से था।

कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर शर्मा ने हिंदू एकता, राष्ट्रवाद और आतंकवाद का जिक्र करते हुए कहा कि हिंदू एकता केवल मटकी फोड़ने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज को हर स्तर पर एकजुट रहना चाहिए। पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं, जब लाहौर, ढाका और इस्लामाबाद में भी मटकी फोड़ प्रतियोगिता होगी। उन्होंने लोगों से इस्लामाबाद में मटकी फोड़ने को लेकर सवाल किया और कहा कि वहां मटकी फोड़ने से पहले वहां की मटकी फोड़नी पड़ेगी।
विधायक ने अपने संबोधन में हिंदू समाज से जातियों में नहीं बंटने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि लोगों को जातिगत पहचान से पहले हिंदू और भारतीय होने की पहचान को प्राथमिकता देनी चाहिए। शर्मा ने देश के लिए समर्पित लोगों का सम्मान करने और मातृभूमि के प्रति निष्ठा को हर नागरिक का कर्तव्य बताया।

विवादित बयान पर सफाई देते हुए रामेश्वर शर्मा ने कहा कि उन्होंने भोपाल के काजी कैंप का जिक्र नहीं किया था। उनका इशारा पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मौजूद कथित काजी कैंप की ओर था। हालांकि, कांग्रेस के मीडिया को-ऑर्डिनेटर अब्बास हाफिज ने इस सफाई पर सवाल खड़े किए और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सरकार का रुख स्पष्ट करने की मांग की।
अब्बास हाफिज ने कहा कि इंटरनेट पर पाकिस्तान में काजी कैंप नाम की जगह की जानकारी नहीं मिलती है। उन्होंने सवाल किया कि विधायक आखिर किस काजी कैंप की बात कर रहे थे। हाफिज ने कहा कि भोपाल के काजी कैंप जैसे इलाके के बारे में सार्वजनिक मंच से मिसाइल गिराने की बात करना गंभीर और निंदनीय है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या सरकार विधायक के इस बयान को सामान्य मानती है और क्या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी।