भोपाल में BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन का दूसरा दिन: घोषणा पत्र पर मंथन, संस्कृति से जुड़े सहयोग का बनेगा रोडमैप, शाम को होगा भव्य सांस्कृतिक महोत्सव
रवींद्र भवन में BRICS देशों के कलाकार देंगे रंगारंग प्रस्तुतियां, मिंटो हॉल में विरासत और सभ्यतागत जुड़ाव पर विशेष प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र; 8 अगस्त को होगी संस्कृति मंत्रियों की अहम बैठक
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 का गुरुवार को दूसरा दिन विभिन्न महत्वपूर्ण बैठकों, सांस्कृतिक विमर्श और प्रदर्शनी गतिविधियों के साथ आगे बढ़ा। सम्मेलन के दूसरे दिन BRICS सदस्य और भागीदार देशों के प्रतिनिधि संस्कृति मंत्रियों के संयुक्त घोषणा पत्र (Declaration) के मसौदे पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, रचनात्मक उद्योगों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी।
भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देना और साझा सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। सम्मेलन 8 अगस्त तक चलेगा, जबकि विदेशी प्रतिनिधियों के लिए 9 अगस्त को भीमबेटका भ्रमण का भी कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
घोषणा पत्र को अंतिम रूप देने पर रहेगा फोकस
सम्मेलन के दूसरे दिन कार्य समूहों द्वारा तैयार की गई सिफारिशों पर चर्चा होगी। इन्हीं सुझावों के आधार पर संस्कृति मंत्रियों के लिए तैयार किए जा रहे संयुक्त घोषणा पत्र का प्रारूप अंतिम रूप लेगा। इसमें भविष्य में BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने की रणनीति, साझा परियोजनाएं और संस्थागत समन्वय जैसे विषय शामिल होंगे।
सम्मेलन में विशेष रूप से सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संग्रहालयों के आधुनिकीकरण, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, पारंपरिक कलाओं के संवर्धन और सांस्कृतिक कूटनीति को नई मजबूती देने पर जोर दिया जा रहा है।
रवींद्र भवन में होगा BRICS सांस्कृतिक महोत्सव
गुरुवार शाम भोपाल के रवींद्र भवन में BRICS सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान BRICS सदस्य और भागीदार देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक कला, संगीत और नृत्य प्रस्तुत करेंगे। विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करने वाला यह कार्यक्रम सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण माना जा रहा है।
सांस्कृतिक महोत्सव में भारत सहित ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस और अन्य भागीदार देशों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी विरासत का परिचय देंगे।
मिंटो हॉल में तीन विशेष प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र
कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) परिसर में तीन विशेष प्रदर्शनियां लगाई गई हैं, जिन्हें आम नागरिकों के लिए भी खोला गया है।
इनमें शामिल हैं—
ज्ञान भारतम
प्रोजेक्ट मौसम
प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत
इन प्रदर्शनियों में भारत की प्राचीन पांडुलिपि परंपरा, समुद्री सांस्कृतिक संपर्क, ऐतिहासिक व्यापार मार्गों, सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक संबंध और भारत की विरासत संरक्षण से जुड़ी पहल को प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनियों का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक सांस्कृतिक कूटनीति में उसकी भूमिका को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।
विदेशी मेहमानों के लिए परोसे जा रहे मध्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजन
सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों के लिए मध्य प्रदेश की पारंपरिक पाक संस्कृति को भी विशेष रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है। लंच और डिनर में मेहमानों को प्रदेश के प्रसिद्ध व्यंजन जैसे—
दाल-बाफले
निमोना
रिकमच
गुइया की सब्जी
चंबल का थोपा
चंदिया
बड़ा
कोदो और कुटकी जैसे मिलेट आधारित व्यंजन
परोसे जा रहे हैं। साथ ही विदेशी प्रतिनिधियों की पसंद को ध्यान में रखते हुए वेस्टर्न और ओरिएंटल व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई है।
7 अगस्त को होगा विशेष संगीत समारोह
सम्मेलन के तीसरे दिन यानी 7 अगस्त को BRICS सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे। इसी दिन शाम को विशेष BRICS सांस्कृतिक महोत्सव-2026 आयोजित होगा।
कार्यक्रम की शुरुआत "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के संदेश के साथ होगी। इसके बाद भारतीय शास्त्रीय संगीत की हिंदुस्तानी और कर्नाटक परंपराओं पर आधारित प्रस्तुति "कलर्स ऑफ इंडियन म्यूजिक" होगी।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण "BRICS Peace Song – Peace is the Language of the Land" रहेगा, जिसमें भाग लेने वाले देशों की संगीत परंपराओं का संगम प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में "Peace to All, Harmony to All" और "Crescendo of Unity" जैसी ऑर्केस्ट्रा प्रस्तुतियां भी होंगी।
'अमृतस्य मध्य प्रदेश' से दिखेगी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत
7 अगस्त की शाम मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा "अमृतस्य मध्य प्रदेश – एक अलौकिक सांस्कृतिक महायात्रा" का मंचन किया जाएगा।
प्रसिद्ध कोरियोग्राफर मैत्रेयी पहाड़ी के निर्देशन में 125 से अधिक कलाकार इस प्रस्तुति में भाग लेंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को नृत्य, संगीत और दृश्य माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा।
इस प्रस्तुति में—
भीमबेटका
सांची
खजुराहो
चित्रकूट
उज्जैन
ओंकारेश्वर
महेश्वर
चंदेरी
मांडू
ग्वालियर
ओरछा
जैसे प्रदेश के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों की झलक दिखाई जाएगी। साथ ही बैगा, मटकी और बधाई जैसे जनजातीय लोकनृत्यों का भी मंचन होगा।
कार्यक्रम के माध्यम से विदेशी प्रतिनिधियों को सिंहस्थ कुंभ-2028 के लिए भी सांस्कृतिक आमंत्रण दिया जाएगा।
8 अगस्त को होगी संस्कृति मंत्रियों की औपचारिक बैठक
सम्मेलन के अंतिम दिन 8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इसमें सदस्य और भागीदार देशों के मंत्री सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत करने के प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे।
बैठक के अंत में BRICS संस्कृति मंत्रियों की संयुक्त घोषणा को अपनाया जाएगा, जो भविष्य में BRICS देशों के सांस्कृतिक सहयोग का साझा रोडमैप तय करेगी।
इसके बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विदेशी प्रतिनिधियों के सम्मान में दोपहर के भोजन का आयोजन करेंगे।
विदेशी प्रतिनिधि करेंगे सांची का भ्रमण
मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल विश्व धरोहर स्थल सांची का दौरा करेगा। प्रतिनिधियों को सांची स्तूप, चेतियागिरी मंदिर और बौद्ध विरासत से जुड़े स्थलों का विशेष गाइडेड टूर कराया जाएगा।
इस दौरान योग एवं ध्यान सत्र के साथ-साथ शाम को 3D प्रोजेक्शन मैपिंग और लाइट एंड साउंड शो का भी आयोजन होगा, जिससे विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की बौद्ध विरासत और सांस्कृतिक इतिहास से परिचित कराया जाएगा।
9 अगस्त को भीमबेटका भ्रमण का विकल्प
सम्मेलन के औपचारिक समापन के बाद 9 अगस्त को इच्छुक विदेशी प्रतिनिधियों के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका शैलाश्रय के भ्रमण की व्यवस्था की गई है। यहां प्रतिनिधि विश्व प्रसिद्ध प्रागैतिहासिक शैलचित्रों और भारत की प्राचीन मानव सभ्यता से जुड़े सांस्कृतिक इतिहास का अवलोकन करेंगे।
कई देशों के मंत्री और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल
सम्मेलन में ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, इथियोपिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, बेलारूस, क्यूबा, थाईलैंड सहित कई BRICS सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक और सांस्कृतिक प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा विभिन्न देशों के कलाकार भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी-अपनी विरासत का प्रदर्शन करेंगे।
BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 के माध्यम से भारत न केवल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत कर रहा है, बल्कि सांस्कृतिक कूटनीति के जरिए सदस्य देशों के साथ दीर्घकालिक सहयोग को भी नई दिशा देने का प्रयास कर रहा है।
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