NGT के निर्देश पर इंदौर में बड़ी कार्रवाई: कान्ह नदी किनारे से 7 मकान और 45 से ज्यादा कारखाने हटाए

NGT के निर्देश पर इंदौर में बड़ी कार्रवाई: कान्ह नदी किनारे से 7 मकान और 45 से ज्यादा कारखाने हटाए

 कान्ह नदी किनारे 30 मीटर के दायरे में चला निगम का अभियान

इंदौर: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT के निर्देशों के पालन में इंदौर नगर निगम ने बुधवार को कान्ह नदी के किनारे अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाया गया।

कार्रवाई साउथ तोड़ा क्षेत्र में विद्या गौड़ धर्मशाला से सेंट अबू स्कूल तक कान्ह नदी के किनारे की गई। इस दौरान नदी से 30 मीटर की परिधि में बने 7 मकानों और 45 से अधिक कारखानों को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में निर्माण हटाए गए।

पहले दी गई थी सूचना, सुनवाई का भी मिला मौका

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार जिन मकान मालिकों और कारखाना संचालकों के निर्माण हटाए गए हैं, उन्हें कार्रवाई से पहले सूचना पत्र जारी किए गए थे। संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए सुनवाई का अवसर भी दिया गया था।

प्रशासन का कहना है कि निर्माण हटाने से पहले संबंधित पक्षों को पर्याप्त समय दिया गया था, ताकि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रख सकें और आवश्यक कार्रवाई कर सकें। इसके बावजूद मौके पर निर्माण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई।

24 घंटे पहले भी जारी किया गया था नोटिस

नगर निगम की ओर से कार्रवाई से ठीक 24 घंटे पहले भी संबंधित मकान मालिकों और कारखाना संचालकों को निर्माण हटाने के संबंध में सूचना दी गई थी। इसके अलावा कार्रवाई से एक दिन पहले क्षेत्र में मुनादी भी कराई गई थी।

अधिकारियों के मुताबिक लगातार सूचना देने और समय दिए जाने के बाद भी जब संबंधित निर्माण नहीं हटाए गए, तो बुधवार को नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।

नदी संरक्षण को लेकर प्रशासन सख्त

कान्ह नदी के किनारे बने निर्माण को हटाने की कार्रवाई को नदी क्षेत्र को अतिक्रमण और निर्माण से मुक्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। NGT के निर्देशों के तहत नदी के आसपास निर्धारित क्षेत्र में निर्माण को लेकर प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है।

नदी के किनारे निर्माण और गतिविधियों से जल प्रवाह प्रभावित होने के साथ-साथ पर्यावरणीय नुकसान की आशंका रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा नदी के निर्धारित दायरे में आने वाले निर्माणों की जांच और कार्रवाई की जा रही है।

7 मकान और 45 से ज्यादा कारखानों पर कार्रवाई

बुधवार को चलाए गए अभियान में कुल 7 मकानों और 45 से अधिक कारखानों को हटाने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई साउथ तोड़ा क्षेत्र में एक निर्धारित हिस्से में केंद्रित रही।

नगर निगम की टीम ने प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके पर किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौजूद रहा।

कई विभागों की संयुक्त टीम रही मौजूद

कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक, नगर निगम और पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। एसडीएम घनश्याम धनगर के साथ भवन अधिकारी अंकेश बरथरिया, राहुल रघुवंशी और गीतेश तिवारी ने कार्रवाई की निगरानी की।

इसके अलावा भवन निरीक्षक अभिनव राय, रिमूवल सुपरवाइजर बबलू कल्याण, पुलिस प्रशासन के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी भी अभियान में शामिल रहे।

आगे भी जारी रह सकती है कार्रवाई

कान्ह नदी के किनारे निर्माण और अतिक्रमण को लेकर प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में भी ऐसे क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जा सकती है। नगर निगम और प्रशासन का फोकस नदी क्षेत्र में निर्धारित सीमा के भीतर मौजूद निर्माणों की स्थिति की जांच और नियमों के अनुरूप कार्रवाई पर है।

बुधवार की कार्रवाई में बड़ी संख्या में मकानों और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े निर्माण हटाए जाने से क्षेत्र में प्रशासन की कार्रवाई का असर साफ दिखाई दिया। अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया और पूर्व सूचना के बाद की गई है।