जातिगत आरक्षण के विरोध में आज ग्वालियर में सवर्ण संगठनों का धरना, पुलिस-प्रशासन अलर्ट
फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि के सामने प्रदर्शन की तैयारी, बंद के आह्वान के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
आरक्षण नीति के विरोध में आज प्रदर्शन
ग्वालियर में जातिगत आरक्षण के विरोध में सवर्ण संगठनों की ओर से आज धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठनों ने फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई की समाधि के सामने धरना देने की तैयारी की है। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। संगठनों की ओर से पहले शहर बंद का आह्वान किए जाने की बात भी सामने आई थी, जिसके बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने संगठन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्थिति पर चर्चा की।
प्रशासन ने सुझाए दूसरे स्थान, संगठन फूलबाग पर अड़े
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की बैठक में अधिकारियों की ओर से धरने के लिए कुछ अन्य स्थान सुझाए गए थे। हालांकि, सवर्ण संगठनों के प्रतिनिधियों ने फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई की समाधि के सामने ही प्रदर्शन करने की मांग रखी। संगठनों की ओर से अनुमति मांगे जाने के बाद शांतिपूर्ण तरीके से धरना आयोजित करने पर सहमति बनी। प्रशासन ने धरने की अनुमति दी है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और अधिकारियों की तैनाती की गई है।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
सवर्ण संगठनों का कहना है कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन के जरिए संगठन अपनी इस मांग को प्रमुखता से उठाएंगे। उनका तर्क है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उनकी सामाजिक पहचान के बजाय आर्थिक स्थिति के आधार पर अवसर और सहायता मिलनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर संगठनों की ओर से सरकार और प्रशासन तक अपनी मांग पहुंचाने की तैयारी की गई है।
UGC एक्ट 2026 वापस लेने की मांग
धरने में UGC एक्ट 2026 को वापस लेने की मांग भी शामिल है। संगठनों का कहना है कि नए प्रावधानों को लेकर उनकी आपत्तियां हैं और इसे वापस लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रदर्शनकारी संगठन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी एट्रोसिटी एक्ट को समाप्त करने की मांग भी उठा रहे हैं। इन मुद्दों को लेकर संगठन सरकार के सामने अपनी बात रखने की तैयारी में हैं।
शहर बंद के आह्वान के बीच पुलिस की निगरानी
प्रदर्शन से पहले शहर बंद के आह्वान की चर्चा के चलते पुलिस-प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। अधिकारियों की ड्यूटी अलग-अलग स्थानों पर लगाई गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस की नजर संवेदनशील इलाकों और प्रमुख बाजारों पर भी रहेगी। प्रशासन की कोशिश है कि धरना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
प्रशासन और पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं, प्रदर्शनकारी संगठनों ने भी अपनी मांगों को लेकर धरना देने की तैयारी की है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि धरना कितने बड़े स्तर पर होता है और इसके दौरान शहर में यातायात एवं सामान्य जनजीवन पर इसका कितना असर पड़ता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
ग्वालियर में प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले को अलर्ट रखा गया है। धरना स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जाएगी। यदि प्रदर्शन के दौरान भीड़ बढ़ती है या किसी तरह की स्थिति बनती है तो पुलिस अतिरिक्त बल की मदद ले सकती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
मांगों पर सरकार के रुख का इंतजार
जातिगत आरक्षण, आर्थिक आधार पर आरक्षण और एट्रोसिटी एक्ट जैसे मुद्दे लंबे समय से देश में सामाजिक और राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। ग्वालियर में होने वाला यह धरना इन्हीं मुद्दों को लेकर सवर्ण संगठनों की ओर से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास है। अब देखना होगा कि प्रदर्शन के बाद सरकार और संबंधित विभाग इन मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या संगठन आगे भी आंदोलन को विस्तार देने का निर्णय लेते हैं।
news desk MPcg