छत्तीसगढ़ में वाणिज्यिक कर निरीक्षक भर्ती परीक्षा रद्द, कॉपियों में मिले एक जैसे जवाब
2022 की परीक्षा और चयन प्रक्रिया पर जांच में सामने आईं कई गंभीर खामियां
छत्तीसगढ़ राज्य कर विभाग ने वर्ष 2022 में लिपिक वर्ग से वाणिज्यिक कर निरीक्षक बनाने के लिए आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द कर दिया है। विभागीय जांच में उत्तरपुस्तिकाओं से लेकर परीक्षा रिकॉर्ड और चयन प्रक्रिया तक कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आने के बाद 26 जून 2022 को हुई परीक्षा और उसके आधार पर पूरी चयन प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है। 11 सितंबर 2026 को जारी आदेश में विभाग ने एक जुलाई 2022 का चयन आदेश भी रद्द कर दिया।
चयनित अभ्यर्थियों की कॉपियों में मिले एक जैसे उत्तर
जांच के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं में बड़ी संख्या में एक जैसे जवाब पाए गए। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार इन उत्तरों की समानता के पीछे कोई संतोषजनक कारण सामने नहीं आया। इसके अलावा उत्तरपुस्तिकाओं पर अभ्यर्थियों की पहचान छिपाने के लिए कोडिंग की व्यवस्था भी नहीं की गई थी। विभाग ने माना कि इन परिस्थितियों ने परीक्षा के मूल्यांकन की निष्पक्षता और गोपनीयता पर सवाल खड़े किए।
परीक्षा केंद्र का उपस्थिति रजिस्टर और समेकित अंक सूची भी नहीं मिली
जांच समिति को परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की उपस्थिति का मूल रजिस्टर नहीं मिला। परीक्षा का समेकित परिणाम और अंक सूची भी तैयार या सुरक्षित नहीं रखी गई थी। इससे परीक्षा में शामिल कर्मचारियों की संख्या और उनके प्राप्तांकों का विश्वसनीय रिकॉर्ड तैयार करना मुश्किल हो गया। जांच में खरीदी गई, इस्तेमाल की गई और बची हुई उत्तरपुस्तिकाओं की संख्या में भी अंतर पाया गया।
पुनर्मूल्यांकन में बढ़े अंक, आरक्षण रोस्टर पर भी सवाल
जांच रिपोर्ट में कुछ अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं के दोबारा मूल्यांकन और अंक बढ़ने की बात भी सामने आई। विभाग के अनुसार कुछ चयनित अभ्यर्थियों का चयन पुनर्मूल्यांकन के बाद बढ़े अंकों के आधार पर हुआ था। इसके अलावा परीक्षा से पहले आरक्षण रोस्टर के अनुसार पदों का वर्गवार बंटवारा नहीं किया गया था। विभाग ने माना कि इससे समान अवसर और आरक्षण नियमों के पालन पर असर पड़ा।
जांच के बाद पूरी परीक्षा रद्द, निरीक्षक बने कर्मचारी मूल पद पर लौटेंगे
शिकायतों के बाद गठित जांच समिति ने 3 जुलाई 2026 को अपनी विस्तृत रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी। विभाग ने पाया कि गड़बड़ियां परीक्षा आयोजन से लेकर मूल्यांकन और अंतिम चयन तक कई चरणों में थीं। अधूरे रिकॉर्ड के कारण केवल कुछ अभ्यर्थियों पर कार्रवाई करना या दोबारा मेरिट तैयार करना भी विश्वसनीय नहीं माना गया। इसी आधार पर पूरी परीक्षा और चयन प्रक्रिया रद्द कर दी गई। इस परीक्षा के आधार पर वाणिज्यिक कर निरीक्षक बने सभी प्रभावित कर्मचारियों को उनके मूल पद और मूल पदस्थापना पर वापस भेजा जाएगा।
news desk MPcg