उज्जैन में युवा धर्म संसद का आगाज, 24 राज्यों से 1600 से ज्यादा युवा जुटे; आज मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन

उज्जैन में युवा धर्म संसद का आगाज, 24 राज्यों से 1600 से ज्यादा युवा जुटे; आज मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन

धर्म, संस्कृति से लेकर AI और तकनीक तक पर होगा मंथन, युवा पंचायत और कला प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र

उज्जैन में तीन दिवसीय राष्ट्रीय युवा धर्म संसद-2026 ‘अवन्तिका’ का गुरुवार, 17 सितंबर से आगाज हो गया है। देवास रोड स्थित गीता भवन, माधव विज्ञान महाविद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1600 से अधिक युवा, विद्यार्थी, शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। सेवाज्ञ संस्थानम् की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय आयोजन में धर्म, संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन विषयों पर संवाद होगा। कार्यक्रम 19 सितंबर तक चलेगा और आज ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत इसका विधिवत उद्घाटन करेंगे।

राष्ट्र निर्माण और बदलती तकनीक पर युवाओं के सवाल

युवा धर्म संसद में युवाओं के सामने मौजूद समसामयिक सवालों, राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका, सांस्कृतिक चेतना, मानवीय मूल्यों और बदलते तकनीकी दौर में धर्म की प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श होगा। धर्म, शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, रोजगार, पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे विषय भी चर्चा का हिस्सा रहेंगे। आयोजन में युवाओं को विशेषज्ञों के सामने सीधे सवाल रखने और अलग-अलग विषयों पर अपने विचार साझा करने का अवसर दिया जाएगा।

आज मोहन भागवत करेंगे उद्घाटन

युवा धर्म संसद का विधिवत उद्घाटन आज 17 सितंबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवाज्ञ संस्थानम् के संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण करेंगे। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलगुरु प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी और सेवाज्ञ संस्थानम् के अध्यक्ष आशीष कुमार आशु भी मंच पर मौजूद रहेंगे।

उद्घाटन के बाद ‘धर्म की अस्तित्वपरक अवधारणा एवं चारित्रिक उत्तरदायित्व’ विषय पर व्याख्यान सत्र होगा। इसमें जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि, पटकथा लेखक एवं गीतकार मनोज मुंतशिर, प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी, अनादि फाउंडेशन की सह-संस्थापिका स्मृति अनंतलक्ष्मी और प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंद कुमार युवाओं से संवाद करेंगे।

शाम 4 बजे ‘निरंकुश संवाद-पद्धति तथा सूचना एवं विचार का संघर्ष’ विषय पर संवाद सत्र आयोजित होगा। इसमें पुंडरीक गोस्वामी, मां सद्ग्रियानंद, दैनिक जागरण समूह के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी और आईआईएम इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय युवाओं के साथ चर्चा करेंगे।

युवा पंचायत में सीधे सवाल-जवाब, पुस्तक मेला और प्रदर्शनी भी

आयोजन के पहले दिन शाम 4 बजे पुस्तक मेला एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा। इसके बाद शाम 5 बजे युवा पंचायत आयोजित की जाएगी। इसमें मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, झारखंड की भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी निशा उरांव, भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बृजेश कुमार और सेवाज्ञ संस्थानम् के कार्यक्रम संयोजक डॉ. श्याम सिंह युवाओं से सीधे संवाद करेंगे।

युवा पंचायत में प्रतिभागी विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर अपने सवाल रखेंगे और वक्ता शिक्षा, प्रशासन, सामाजिक जिम्मेदारी, युवा नेतृत्व और जीवन से जुड़े विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। कार्यक्रम में प्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मश्री अद्वैत चरण गड़नायक, सांसद अनिल फिरोजिया और कार्यक्रम संयोजक अंकिता जायसवाल सहित अन्य अतिथियों की मौजूदगी भी रहेगी।

‘भारत-भाव’ थीम पर कैनवास पर दिखेगी भारतीय संस्कृति

युवा धर्म संसद के साथ राष्ट्रीय चित्रकला कार्यशाला और प्रदर्शनी भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण है। 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए वरिष्ठ और युवा कलाकार ‘भारत-भाव’ थीम पर भारतीय संस्कृति, संत परंपरा, साहित्य और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विषयों को कैनवास पर उतार रहे हैं।

बनारस, दिल्ली, जयपुर, प्रयागराज, सागर और अशोकनगर सहित कई शहरों से कलाकार उज्जैन पहुंचे हैं। कार्यशाला में कलाकार अपनी रचनाओं के माध्यम से भारतीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को अलग-अलग कलात्मक रूपों में प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रदर्शनी से जुड़े कार्यक्रमों में पद्मश्री अद्वैत चरण गड़नायक की मौजूदगी भी रहेगी।

19 सितंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे समापन

तीन दिवसीय युवा धर्म संसद का समापन 19 सितंबर को शाम 4 बजे होगा। समापन सत्र में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इससे पहले सुबह 10 बजे ‘ऋषि एवं कृषि संस्कृति के मध्य भारत का आजीविका विचार’ विषय पर विशेष व्याख्यान होगा।

इस सत्र में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष पद्मभूषण रामबहादुर राय, शिक्षाविद डॉ. इन्दुमति काटदरे, वैज्ञानिक एवं लेखक प्रो. आनंद रंगनाथन और आचार्य मिथिलेशनन्दिनी शरण विचार रखेंगे।

दोपहर 1:30 बजे ‘मनुष्य-निर्माण में आस्था का महत्व तथा धर्मस्थलों की भूमिका’ विषय पर चर्चा होगी। इसमें भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के सदस्य सचिव प्रो. सच्चिदानंद मिश्र, शिक्षाविद डॉ. बलराम शुक्ल, उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात और वीर भारत न्यास के सचिव राम तिवारी शामिल होंगे।

उज्जैन में छठा संस्करण, 24 राज्यों से युवा भागीदारी

सेवाज्ञ संस्थानम् की ओर से आयोजित युवा धर्म संसद का यह छठा संस्करण है। इससे पहले काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और कांचीपुरम में इसके आयोजन हो चुके हैं। इस बार उज्जैन को आयोजन स्थल बनाया गया है और कार्यक्रम को ‘अवन्तिका’ नाम दिया गया है।

आयोजन में देशभर से आए युवाओं के साथ संत, शिक्षाविद, कलाकार, वैज्ञानिक, लेखक, अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ संवाद करेंगे। पारंपरिक सांस्कृतिक विषयों के साथ AI, तकनीक, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे समकालीन मुद्दों को भी चर्चा में शामिल किया गया है।

17 से 19 सितंबर तक चलने वाली इस युवा धर्म संसद में आज डॉ. मोहन भागवत के उद्घाटन से कार्यक्रम का मुख्य चरण शुरू होगा, जबकि 19 सितंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में इसका समापन होगा।